बंगाल की खाड़ी के लो प्रेशर का असर, झारखंड में 5 दिनों तक झमाझम बारिश और वज्रपात का अलर्ट
बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर के असर से झारखंड में अगले 5 दिनों तक भारी बारिश
admin
झारखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर (निम्न दबाव क्षेत्र) के प्रभाव से राज्यभर में मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। चक्रवाती परिसंचरण के कारण सक्रिय हुई मानसून ट्रफ का सीधा असर झारखंड पर देखने को मिल रहा है।
डुमरी में सबसे अधिक 92.4 मिमी बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। गिरिडीह के डुमरी में सर्वाधिक 92.4 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी।
तापमान में मिलेगी राहत
मानसून की सक्रियता के चलते अधिकतम तापमान में ज्यादा उतार-चढ़ाव की संभावना नहीं है। बीते 24 घंटों में डाल्टेनगंज का अधिकतम तापमान 35.4°C दर्ज किया गया, जबकि लातेहार में न्यूनतम तापमान 21.4°C रहा। राजधानी रांची और आसपास के क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
कब और कहां होगी भारी बारिश?
5 जुलाई: पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा, गुमला और खूंटी में भारी बारिश की संभावना।
6 जुलाई: रांची, गुमला, खूंटी और दक्षिणी झारखंड में भारी वर्षा का अलर्ट।
7 जुलाई: बोकारो, धनबाद, रामगढ़, रांची, गुमला, खूंटी समेत कई जिलों में तेज बारिश की संभावना।
8 जुलाई: राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रहने के आसार।
तेज हवा और वज्रपात का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार अगले कई दिनों तक पूरे राज्य में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही वज्रपात की भी आशंका है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और बिजली गिरने की स्थिति में सावधानी बरतने की अपील की है।
किसानों के लिए राहत की खबर
विशेषज्ञों के अनुसार यह बारिश खरीफ फसलों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। हालांकि किसानों को तेज हवा और आकाशीय बिजली से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।