झारखंड के 8 जिलों को बड़ी सौगात, कैंसर स्क्रीनिंग समेत स्वास्थ्य योजनाओं के लिए ₹16 करोड़ मंजूर
Ranchi: झारखंड सरकार ने राज्य में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना, मुख्यमंत्री निःशुल्क डायग्नोस्टिक एवं रेडियोलॉजी जांच योजना और मुख्यमंत्री निःशुल्क सर्वाइकल कैंसर एवं ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग योजना के लिए कुल 16 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
यह राशि राज्य के आठ जिलों को अतिरिक्त आवंटन के रूप में दी गई है। सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक परेशानी के कारण किसी मरीज का इलाज प्रभावित न हो।
इन 8 जिलों को मिली राशि
सरकार की ओर से जारी आवंटन के अनुसार आठ जिलों को अलग-अलग राशि दी गई है।
– चतरा: ₹2 करोड़
– पूर्वी सिंहभूम: ₹1.50 करोड़
– सरायकेला-खरसावां: ₹1.50 करोड़
– गिरिडीह: ₹3 करोड़
– धनबाद: ₹2 करोड़
– साहिबगंज: ₹1 करोड़
– जामताड़ा: ₹3 करोड़
– रांची: ₹2 करोड़
इन जिलों में आवंटित राशि का इस्तेमाल संबंधित स्वास्थ्य योजनाओं के तहत पात्र लाभुकों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में किया जाएगा।
कैंसर स्क्रीनिंग पर भी रहेगा फोकस
इस अतिरिक्त राशि में मुख्यमंत्री निःशुल्क सर्वाइकल कैंसर एवं ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग योजना भी शामिल है। इसके जरिए महिलाओं में सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए स्क्रीनिंग को बढ़ावा दिया जाएगा।
कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में शुरुआती स्तर पर बीमारी की पहचान होने से समय पर उपचार शुरू करने में मदद मिलती है। ऐसे में सरकारी स्तर पर निःशुल्क स्क्रीनिंग की सुविधा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
गंभीर बीमारियों के इलाज में मिलेगी आर्थिक मदद
मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत चिन्हित गंभीर रोगों से पीड़ित पात्र मरीजों को चिकित्सा सहायता अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक समस्या इलाज के रास्ते में बाधा न बने।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री निःशुल्क डायग्नोस्टिक एवं रेडियोलॉजी जांच योजना के जरिए आवश्यक जांच सुविधाओं को भी मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
कौन ले सकता है योजना का लाभ?
विभागीय जानकारी के अनुसार ऐसे राज्यवासी चिकित्सा सहायता अनुदान के पात्र हो सकते हैं, जिनकी सकल वार्षिक आय लगातार तीन वर्षों तक 8 लाख रुपये से कम हो।
इसके अलावा मरीज का संबंधित गंभीर बीमारी से प्रभावित होना और योजना के तहत निर्धारित पात्रता पूरी करना आवश्यक है। विभागीय संकल्प संख्या 190 (13), दिनांक 3 अगस्त 2023 के परिशिष्ट-1 में चिन्हित गंभीर रोगों के मरीजों को योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
मान्यता प्राप्त अस्पतालों की सूची का फैसला विभाग स्तर पर
योजना के तहत इलाज के लिए मान्यता प्राप्त अस्पतालों की सूची में नए अस्पतालों को शामिल करने या किसी अस्पताल को सूची से हटाने का निर्णय विभागीय स्तर पर ही लिया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाना और गंभीर बीमारी से पीड़ित जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना है।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए राहत
झारखंड जैसे राज्य में गंभीर बीमारी का इलाज कई परिवारों के लिए बड़ी आर्थिक चुनौती बन जाता है। ऐसे में सरकार की ओर से अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराए जाने से पात्र मरीजों को उपचार और जरूरी जांच में आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है।
खास तौर पर सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग को इस योजना से जोड़ना महिलाओं में कैंसर की शुरुआती पहचान और समय पर उपचार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
