CM हेमंत सोरेन का बड़ा ऐलान: JPSC समेत भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, तय होगा वार्षिक परीक्षा कैलेंडर

झारखंड के युवाओं के लिए CM हेमंत सोरेन का बड़ा संदेश, पारदर्शी होगी JPSC परीक्षा व्यवस्था

CM हेमंत सोरेन का बड़ा ऐलान: पारदर्शी परीक्षा प्रणाली से संवारेंगे युवाओं का भविष्य, JPSC परीक्षा कैलेंडर पर जोर

Ranchi: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड का निरीक्षण किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करने के साथ झारखंड के विकास, युवाओं, रोजगार, परीक्षा व्यवस्था, पर्यावरण और आदिवासी अधिकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार की प्राथमिकताएं सामने रखीं।

मुख्यमंत्री ने खास तौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर आंदोलन कर रहे युवाओं को भरोसा दिलाया कि उनकी मेहनत और प्रतिभा के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी पारदर्शी और मजबूत परीक्षा व्यवस्था तैयार करेगी, जिस पर युवाओं का विश्वास कायम हो।

JPSC और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता का भरोसा

हाल के दिनों में प्रतियोगी परीक्षाओं और खासकर JPSC को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के युवाओं की मेहनत के साथ किसी भी माफिया या भ्रष्ट तंत्र को खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि देश के दूसरे हिस्सों में पेपर लीक जैसी घटनाएं हुई हैं, लेकिन इससे झारखंड सरकार अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती। राज्य में परीक्षा व्यवस्था को मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए जरूरी सुधार किए जाएंगे।

वार्षिक परीक्षा कैलेंडर का होगा पालन

मुख्यमंत्री ने कहा कि JPSC और अन्य भर्ती एजेंसियों के माध्यम से समयबद्ध तरीके से नियुक्तियां की जाएंगी। इसके लिए वार्षिक परीक्षा कैलेंडर तैयार कर उसके पालन पर जोर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में OMR शीट और उत्तर कुंजी को जल्द उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि परीक्षार्थियों के मन में किसी तरह की शंका न रहे।

सीएम ने स्पष्ट किया कि परीक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की अनियमितता या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। हालांकि, उन्होंने बिना प्रमाण किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने की राजनीति से भी बचने की बात कही।

‘छात्रों की बात छात्रों के साथ’ पहल से लिए जाएंगे सुझाव

परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों से सुझाव लेने की पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों की समस्याओं और सुझावों को समझकर नियमों में जरूरी बदलाव किए जाएंगे।

इस पहल का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और भरोसेमंद बनाना है।

झारखंड की पहचान सिर्फ खनिज संपदा से नहीं होगी

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के विकास मॉडल को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि झारखंड की पहचान सिर्फ खनिज संपदा और उसके दोहन तक सीमित नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि राज्य की आदिवासी चेतना, पारंपरिक ज्ञान, संस्कृति, प्राकृतिक संसाधन और युवा शक्ति को विकास के केंद्र में रखकर झारखंड को सतत विकास का मॉडल बनाया जाएगा।

जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की सभ्यता सदियों से प्रकृति के साथ संतुलित जीवन की सीख देती रही है।

लाह, तसर और लघु वनोपज से बढ़ेगी ग्रामीण आय

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लाह, तसर, औषधीय पौधों और लघु वनोपज को आधुनिक बाजार से जोड़ने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि इन पारंपरिक संसाधनों में वैल्यू एडिशन, ब्रांडिंग और बेहतर मार्केटिंग के जरिए ग्रामीण और आदिवासी परिवारों की आय बढ़ाई जा सकती है। ग्राम सभा के अधिकार, स्थानीय ज्ञान और आधुनिक तकनीक को जोड़कर विकास का नया मॉडल तैयार करने की बात भी उन्होंने कही।

सरकारी नौकरी के साथ रोजगार के दूसरे अवसरों पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल सरकारी रिक्तियों को भरना नहीं है। युवाओं के लिए MSME, कृषि, डेयरी, मत्स्य पालन, पर्यटन, डिजिटल सेवाओं और स्टार्टअप के क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे।

उन्होंने युवाओं और किसानों से अपनी मेहनत पर भरोसा रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार युवाओं की मेहनत और प्रतिभा की रक्षा के लिए पारदर्शी और निष्पक्ष वातावरण तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

स्वतंत्रता सेनानियों और झारखंड के वीर नायकों को किया नमन

अपने संबोधन की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और डॉ. भीमराव आंबेडकर समेत देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी।

उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा, सिद्धू-कान्हू, चांद-भैरव, तिलका मांझी, फूलो-झानो, नीलांबर-पीतांबर और शेख भिखारी जैसे झारखंड के वीर नायकों को भी नमन किया। मुख्यमंत्री ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के जल, जंगल, जमीन और आदिवासी अस्मिता के लिए किए गए संघर्ष को भी याद किया।

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