SIR Protest में इरफान अंसारी की टिप्पणी से सियासत गरम, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर साधा निशाना
Jamtara: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के विरोध में सोमवार को जामताड़ा के गांधी चौक पर कांग्रेस की ओर से एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष दीपिका बेसरा ने किया। झारखंड सरकार के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी भी प्रदर्शन में शामिल हुए।
धरने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने SIR प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां जाहिर कीं और चुनाव आयोग से प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
SIR को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की आशंका को लेकर सवाल उठाए। कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग से मांग की कि SIR की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाए और पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखे जाएं।
प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
इरफान अंसारी ने चुनाव आयोग और केंद्र पर उठाए सवाल
धरने को संबोधित करते हुए मंत्री इरफान अंसारी ने SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसमें पारदर्शिता जरूरी है।
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका है। हालांकि, ऐसे दावों पर अंतिम स्थिति संबंधित आधिकारिक आंकड़ों और प्रक्रिया के निष्कर्ष के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
ज्ञानेश कुमार को लेकर इरफान अंसारी की टिप्पणी
प्रदर्शन के दौरान मीडिया से बातचीत में इरफान अंसारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर एक टिप्पणी की, जिसके बाद राजनीतिक चर्चा तेज हो गई।
राहुल गांधी के विदेश दौरे के दौरान संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से जुड़े सवाल के जवाब में इरफान अंसारी ने कहा, “जब मोदी जी विदेश जाते हैं तो क्या ज्ञानेश कुमार को चुम्मा देते हैं?”
उनकी इस टिप्पणी को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आने की संभावना है।
मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति पर भी सवाल
इरफान अंसारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने उनके परिवार के सदस्यों के IAS में होने का जिक्र करते हुए UPSC की प्रक्रिया और पारदर्शिता से जुड़े सवाल उठाए तथा जांच की जरूरत बताई।
हालांकि, इन बयानों के संबंध में संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
SIR में पारदर्शिता की मांग
धरना-प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पार्टी ने मांग की कि SIR प्रक्रिया के दौरान किसी पात्र मतदाता का नाम नहीं हटाया जाए और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाए।
जामताड़ा में हुए इस प्रदर्शन के दौरान SIR, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। वहीं, इरफान अंसारी की मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर की गई टिप्पणी के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
