‘वोट चोरी’ के आरोपों पर बाबूलाल मरांडी का कांग्रेस पर निशाना, बोले- चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश
Giridih: चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस एवं विपक्षी दलों की ओर से लगाए जा रहे ‘वोट चोरी’ के आरोपों के बीच झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है। बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करने का प्रयास कर रही है।
मरांडी ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाना कांग्रेस के लिए नया नहीं है। उनके मुताबिक, कांग्रेस केंद्र की सत्ता से बाहर होने के बाद अलग-अलग मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार और चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठाती रही है। उन्होंने कहा कि कभी ईवीएम, कभी राफेल और अब ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाया जा रहा है।
आरोप गंभीर हैं तो ठोस प्रमाण भी सामने रखें: बाबूलाल
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यदि चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के आरोप गंभीर हैं, तो उनके समर्थन में ठोस प्रमाण भी सामने रखे जाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल राजनीतिक बयानबाजी के जरिए जनता के बीच भ्रम पैदा करना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि मुद्दे समय के साथ बदलते रहे हैं, लेकिन चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने का सिलसिला जारी है। मरांडी के अनुसार, लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से पहले तथ्यों और प्रमाणों को सार्वजनिक करना जरूरी है।
SIR को लेकर भी विपक्ष ने उठाए सवाल
हाल के दिनों में चुनाव प्रक्रिया और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों की ओर से सवाल उठाए गए हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर आरोप लगाए हैं।
दूसरी ओर, भाजपा नेताओं ने इन आरोपों को खारिज करते हुए चुनाव आयोग की प्रक्रिया का बचाव किया है। चुनाव आयोग की ओर से भी SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की गई है।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
बाबूलाल मरांडी ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर केंद्र की मोदी सरकार को बदनाम करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आरोपों से जनता के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
हालांकि, कांग्रेस और राहुल गांधी की ओर से चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों में मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से संबंधित आपत्तियां शामिल हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि इन मुद्दों का पारदर्शी तरीके से समाधान किया जाना चाहिए।
फिलहाल ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर भाजपा और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी जारी है। चुनाव प्रक्रिया, SIR और मतदाता सूची से जुड़े विवाद पर आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
