योगेंद्र साव बोले- ‘गलत साबित हुआ तो राजनीति छोड़ दूंगा’, अनुशासन समिति के सामने पेशी के बाद भी अपने रुख पर कायम
Ranchi: झारखंड कांग्रेस में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के बयानों को लेकर चल रहा विवाद अभी थमता नजर नहीं आ रहा है। अनुशासन समिति के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखने के बाद योगेंद्र साव ने कहा कि जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं से जुड़े मुद्दे उठाना उनके लिए गलत नहीं है। उन्होंने अपने बयानों पर माफी मांगने से भी इनकार किया।
अनुशासन समिति के सामने रखा अपना पक्ष
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में अनुशासन समिति के समक्ष पेश होने के बाद योगेंद्र साव ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि उन्होंने जो बातें कही हैं, वे अपने क्षेत्र और जमीनी स्तर पर सामने आ रही परिस्थितियों के आधार पर कही हैं।
योगेंद्र साव ने दावा किया कि यदि उनके द्वारा लगाए गए आरोप गलत साबित होते हैं तो वह राजनीति छोड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व उनके मामले में जो भी निर्णय लेगा, वह उसे स्वीकार करेंगे, लेकिन जनता और कार्यकर्ताओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखना जारी रखेंगे।
‘माफी मांगने का सवाल नहीं’
पूर्व मंत्री ने कहा कि पार्टी नेतृत्व को जमीनी स्थिति की जानकारी देना उनका दायित्व है। उनके मुताबिक, इसे पार्टी विरोधी गतिविधि के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि अपने पुराने बयानों को लेकर वह माफी मांगने के पक्ष में नहीं हैं। हालांकि, अनुशासन समिति की ओर से मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी, इस पर पार्टी की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
योगेंद्र साव ने प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में कांग्रेस की हिस्सेदारी होने के बावजूद कई जगह पार्टी कार्यकर्ताओं की शिकायतों पर अधिकारियों की ओर से अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने सीओ, बीडीओ, थाना स्तर के अधिकारियों से लेकर एसपी और डीसी तक के स्तर पर कार्यकर्ताओं की समस्याएं नहीं सुने जाने का आरोप लगाया।
बड़कागांव और केरेडारी के मुद्दे उठाए
योगेंद्र साव ने बड़कागांव और केरेडारी क्षेत्र में विस्थापन, मुआवजा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कोयला परियोजनाओं के कारण प्रभावित परिवारों की समस्याओं का उचित समाधान नहीं हो रहा है।
उन्होंने केरेडारी, चट्टीबरियातू और बड़कागांव की खनन परियोजनाओं से प्रभावित लोगों के मुआवजे, विस्थापन और रोजगार के सवालों को प्रमुखता से उठाने की बात कही।
कांग्रेस के भीतर विवाद आगे बढ़ने के संकेत
योगेंद्र साव के बयानों के बाद कांग्रेस के भीतर अनुशासन और संगठनात्मक व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है। अब सबकी नजर अनुशासन समिति की आगे की कार्रवाई और प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के फैसले पर है। फिलहाल योगेंद्र साव अपने बयानों पर कायम हैं और उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह उठाए गए मुद्दों से पीछे हटने वाले नहीं हैं।
