SIR विवाद पर सियासत तेज, चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेद के बाद कांग्रेस का देशव्यापी प्रदर्शन
रांची: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर देश की राजनीति में विवाद बढ़ता जा रहा है। एक मीडिया रिपोर्ट में चुनाव आयोग के भीतर SIR से जुड़े कुछ फैसलों को लेकर कथित असहमति का दावा किए जाने के बाद कांग्रेस ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।
SIR को लेकर चुनाव आयोग के भीतर मतभेद का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों के दौरान SIR से जुड़े फैसलों को लेकर कई बार अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। रिपोर्ट में 14 औपचारिक असहमतियों का दावा किया गया है।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि कुछ फैसले दोनों चुनाव आयुक्तों की जानकारी या सहमति के बिना लिए जाने को लेकर सवाल उठे। हालांकि, इन दावों को लेकर संबंधित पक्षों के आधिकारिक स्पष्टीकरण और पूरी परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कांग्रेस का निशाना
मामले के सामने आने के बाद कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस की ओर से आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और निर्णय प्रक्रिया को लेकर जवाब मांगा गया है।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पार्टी के आंदोलन की जानकारी साझा करते हुए बताया कि 25 सितंबर को देशभर में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 28 सितंबर को जिला कांग्रेस कमेटियों की ओर से जिला मुख्यालयों पर विरोध मार्च आयोजित करने की बात कही गई है।
राहुल गांधी ने भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी SIR और चुनाव आयोग से जुड़े इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची से जुड़े किसी भी पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और सभी राजनीतिक दलों के प्रति समान व्यवहार सुनिश्चित होना चाहिए।
वहीं, SIR को लेकर चुनाव आयोग की प्रक्रिया और उसके निर्णयों पर आधिकारिक पक्ष भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में सामने आए आरोपों और राजनीतिक दावों के साथ आयोग की ओर से दिए जाने वाले स्पष्टीकरण को भी पूरे मामले के संदर्भ में देखा जाना होगा।
25 और 28 सितंबर को कांग्रेस का प्रदर्शन
कांग्रेस ने फिलहाल दो चरणों में विरोध कार्यक्रम की घोषणा की है। 25 सितंबर को राज्य स्तर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन और 28 सितंबर को जिला स्तर पर विरोध मार्च प्रस्तावित है।
SIR को लेकर यह विवाद अब मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया से आगे बढ़कर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और राजनीतिक दलों के बीच विश्वास से जुड़े सवालों का विषय बन गया है।
