नौकरी दिलाने के नाम पर 30 लाख की ठगी, रांची में परिवार पर केस

JPSC-JSSC में नौकरी दिलाने के नाम पर 30 लाख की ठगी, माता-पिता-बेटी पर केस; बेटा पहले ही गिरफ्तार

रांची: JPSC-JSSC में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 30 लाख की ठगी, माता-पिता और बेटी पर केस; बेटा जेल के बाद जमानत पर

 

रांची: झारखंड में JPSC और JSSC में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 30 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। मामले में एक ही परिवार के चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपियों में कमड़े निवासी शैलेंद्र कुमार, उनकी पत्नी रंजना कुमारी, बेटा प्रिंस कुमार और बेटी पल्लवी कुमारी शामिल हैं।

 

प्राथमिकी बरकट्ठा, हजारीबाग निवासी और वर्तमान में कमड़े में रहने वाले आशीष कुमार मंडल की शिकायत पर दर्ज की गई है। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने JPSC और JSSC में नौकरी लगवाने का भरोसा देकर उनसे 30 लाख रुपये लिए।

 

20 लाख नकद और 10 लाख ऑनलाइन देने का आरोप

 

आशीष कुमार मंडल के अनुसार, करीब दो साल पहले OTC मैदान के पास उनकी मुलाकात शैलेंद्र कुमार और उनके बेटे प्रिंस कुमार से हुई थी। दोनों ने सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद नौकरी के लिए 30 लाख रुपये देने की बात तय हुई।

 

शिकायत के मुताबिक, आशीष ने 20 लाख रुपये नकद दिए, जिसके बदले शैलेंद्र कुमार ने चेक दिया। इसके अलावा 10 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए दिए गए। इसमें 5 लाख रुपये प्रिंस कुमार के SBI खाते और 5 लाख रुपये शैलेंद्र कुमार के खाते में भेजे गए।

 

फर्जी ज्वाइनिंग लेटर दिखाने का आरोप

 

आरोप है कि पैसे लेने के बाद आरोपी लगातार नौकरी लगवाने का भरोसा देते रहे। इस दौरान आशीष को दो बार हजारीबाग के बड़ा बाजार बुलाया गया और मोबाइल पर SSC-MTS का ज्वाइनिंग लेटर दिखाया गया।

 

बाद में आशीष को कथित तौर पर पता चला कि यह ज्वाइनिंग लेटर फर्जी था। शिकायतकर्ता ने पुलिस को यह भी बताया कि आरोपियों के मोबाइल फोन में कई अभ्यर्थियों के कथित फर्जी ज्वाइनिंग लेटर, लेन-देन की जानकारी, स्कूल-कॉलेज के प्रमाण पत्र और सरकारी परीक्षाओं के एडमिट कार्ड समेत अन्य दस्तावेज मौजूद थे।

 

पैसे वापस मांगने पर संपर्क बंद करने का आरोप

 

प्राथमिकी के अनुसार, जब आशीष ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने कथित तौर पर टालमटोल शुरू कर दी और बाद में फोन उठाना भी बंद कर दिया। इसके बाद आशीष ने आरोपियों की तलाश शुरू की और उनके कमड़े स्थित घर का पता लगाया।

 

15 जुलाई की रात आशीष को प्रिंस कुमार OTC मैदान के पास हुंडई शोरूम के नजदीक दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस की मदद से उसे पकड़कर थाने लाया गया।

 

प्रिंस को पहले भेजा गया था जेल

 

मामले में प्रिंस कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में उसे हाईकोर्ट से जमानत मिलने की जानकारी सामने आई है। वहीं पुलिस के अनुसार, मामले में शैलेंद्र कुमार, रंजना कुमारी और पल्लवी कुमारी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है और वे फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।

 

कई लोगों से ठगी की आशंका

 

शिकायतकर्ता ने पुलिस को यह भी बताया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर अन्य लोगों से भी सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लिए हैं। पुलिस ने मामले में सुखदेवनगर (पंडरा ओपी) थाना कांड संख्या 241/26 दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

 

मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 318(4), 336(3), 61(2), 111(3) और 111(4) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब कथित लेन-देन, दस्तावेजों और आरोपों से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

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