गिरिडीह उपचुनाव: SIR के बाद झारखंड की पहली विधानसभा सीट पर चुनाव, 19 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची
Ranchi/Giridih: सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद रिक्त हुई गिरिडीह विधानसभा सीट पर उपचुनाव की तैयारियां आगे बढ़ रही हैं। खास बात यह है कि SIR-2026 के बाद गिरिडीह झारखंड की पहली विधानसभा सीट होगी, जहां उपचुनाव कराया जाएगा। फिलहाल निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया चल रही है।
19 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची
निर्वाचन आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र की अंतिम मतदाता सूची 19 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी। इससे पहले मतदाताओं को दावा और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया है। दावा-आपत्ति की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।
अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद भारत निर्वाचन आयोग उपचुनाव की आगे की प्रक्रिया और चुनाव कार्यक्रम को लेकर निर्णय करेगा। हालांकि, उपचुनाव की वास्तविक तारीख की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।
गिरिडीह में 3.18 लाख से अधिक मतदाता
मौजूदा ड्राफ्ट मतदाता सूची के अनुसार गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र में 3,18,243 मतदाता दर्ज हैं। SIR की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतदाताओं की अंतिम संख्या स्पष्ट होगी।
SIR के दौरान नाम, पता, स्थानांतरण, मृत्यु और एक से अधिक जगह नाम दर्ज होने जैसे मामलों का सत्यापन किया जा रहा है। अंतिम सूची में होने वाले बदलाव पर राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों की नजर बनी हुई है।
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से खाली हुई सीट
गिरिडीह विधानसभा सीट सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद रिक्त हुई है। अब इस सीट पर निर्धारित संवैधानिक समयसीमा के भीतर उपचुनाव कराया जाना है।
2019 और 2024 के विधानसभा चुनावों में सुदिव्य कुमार सोनू ने इस सीट से जीत दर्ज की थी। इससे पहले 2014 में भाजपा के निर्भय कुमार शाहाबादी ने यहां जीत हासिल की थी।
JMM और BJP के लिए महत्वपूर्ण होगी सीट
उपचुनाव में झामुमो के सामने अपनी पिछली चुनावी पकड़ और सुदिव्य कुमार सोनू की राजनीतिक विरासत को बनाए रखने की चुनौती होगी। पार्टी की ओर से उम्मीदवार को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
वहीं भाजपा भी गिरिडीह सीट पर अपनी रणनीति तैयार कर रही है। पिछले विधानसभा चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए उम्मीदवार चयन महत्वपूर्ण रहेगा।
SIR के बाद बदलेंगे मतदाता समीकरण?
गिरिडीह उपचुनाव से पहले अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, मतदाताओं की संख्या में बदलाव मात्र से किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में परिणाम निकालना उचित नहीं होगा। अंतिम सूची में किस क्षेत्र और बूथ पर कितने मतदाता रहेंगे, यह चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल 19 अक्टूबर की तारीख पर सबकी नजर है। अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद उम्मीदवारों की घोषणा, नामांकन और चुनाव कार्यक्रम सामने आने के साथ गिरिडीह में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
