20 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिनेश गोप की पेशी, 7 अक्टूबर को होगा चार्ज फ्रेम
Ranchi: 20 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में PLFI सुप्रीमो दिनेश गोप की विशेष अदालत में पेशी हुई। दिनेश गोप को पलामू जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के समक्ष पेश किया गया। मामले की सुनवाई मनी लॉन्ड्रिंग मामलों के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत में हुई। अदालत ने मामले में अगली कार्रवाई के लिए 7 अक्टूबर 2026 की तारीख निर्धारित की है, जिस दिन दिनेश गोप, उसकी दोनों पत्नियों समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जाने हैं।
पेन ड्राइव के जरिए सर्व हुआ पुलिस पेपर
सुनवाई के दौरान दिनेश गोप को पेन ड्राइव के माध्यम से पुलिस पेपर सर्व किया गया। मामले में डेढ़ दर्जन से अधिक आरोपी हैं। इनमें जितेंद्र कुमार, सुमंत कुमार, फैसल मूसा, विनय कुमार जालान, जनार्दन कुमार सोनी, नंद लाल सोनी, अमित कुमार उर्फ अमित जायसवाल, चंद्रशेखर कुमार, जय प्रकाश सिंह भुइयां, नंद किशोर महतो, फुलेश्वर गोप, हीरा देवी, शकुंतला कुमारी, अरुण गोप और बिनोद कुमार समेत अन्य नाम शामिल हैं।
कई आरोपियों ने Cr.P.C. की धारा 88 के तहत बॉन्ड की अवधि बढ़ाने की अर्जी के साथ अदालत में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अर्जी की प्रति ED के विशेष लोक अभियोजक को भी दी गई। सुनवाई के बाद अदालत ने संबंधित आरोपियों के बॉन्ड की अवधि अगली तारीख तक बढ़ा दी।
फैसल मूसा ने दाखिल की माफी की अर्जी
आरोपी फैसल मूसा की ओर से अदालत को बताया गया कि उन्होंने आरोपियों की सूची से अपना नाम हटाने और माफी पाने के लिए Cr.P.C. की धारा 306 के तहत 31 जुलाई को आवेदन दिया था। उनके अधिवक्ता के अनुसार, उस तारीख की ऑर्डर शीट में गलती से इस आवेदन का उल्लेख नहीं हो पाया था।
अदालत ने अभियोजन पक्ष को जितेंद्र कुमार और फैसल मूसा की अर्जियों पर निर्धारित तारीख तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
क्या है 20 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का मामला?
जांच एजेंसियों के अनुसंधान के अनुसार, PLFI से जुड़े लोगों पर लेवी और रंगदारी से जुटाई गई रकम को अलग-अलग माध्यमों से खपाने का आरोप है। जांच में विनोद कुमार, चंद्रशेखर कुमार, नंद किशोर महतो और मोहन कुमार को दिनेश गोप के करीबी सहयोगियों के रूप में चिन्हित किए जाने की बात सामने आई है।
आरोप है कि इन लोगों ने आपराधिक साजिश के तहत PLFI के लिए लेवी और रंगदारी की रकम जुटाने में मदद की। जांच एजेंसियों के मुताबिक, ठेकेदारों, कारोबारियों और विकास परियोजनाओं से कथित तौर पर वसूली गई रकम को शेल कंपनियों के माध्यम से खपाने की कोशिश की गई।
- मामले में अब अदालत की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर 2026 को होगी। इसी दिन आरोपियों के खिलाफ चार्ज फ्रेम किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
