स्वतंत्रता दिवस पर CM हेमंत सोरेन का बड़ा संदेश, बोले- खनिज से आगे बढ़कर आदिवासी चेतना और युवा शक्ति से बनाएंगे झारखंड को मॉडल राज्य
Ranchi: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ध्वजारोहण किया। सुबह करीब 9 बजे ध्वजारोहण के बाद मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण किया और राज्यवासियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने झारखंड की पहचान, आदिवासी अस्मिता, पर्यावरण, रोजगार, शिक्षा और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं गिनाईं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और डॉ. भीमराव आंबेडकर समेत देश के स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की। उन्होंने झारखंड के अमर नायकों भगवान बिरसा मुंडा, सिद्धू-कानू, चांद-भैरव, तिलकामांझी, फूलो-झानो, नीलांबर-पीतांबर और शेख भिखारी को भी नमन किया।
सीएम ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन जल, जंगल, जमीन और आदिवासी अस्मिता की रक्षा के लिए समर्पित रहा है।
80वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ और झारखंड के 25वें वर्ष का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश अपनी स्वतंत्रता की 80वीं वर्षगांठ मना रहा है, जबकि झारखंड अपने गठन के 25वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि यह राज्य के लिए नई दिशा और नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण समय है।
उन्होंने कहा कि झारखंड की पहचान केवल खनिज संपदा के कारण नहीं होनी चाहिए, बल्कि राज्य की आदिवासी चेतना, सांस्कृतिक समृद्धि, प्राकृतिक संसाधनों और युवा शक्ति को विकास का आधार बनाकर इसे देश के लिए मॉडल बनाया जाएगा।
पर्यावरण और सतत विकास में झारखंड बनेगा उदाहरण
मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर जोर देते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन की चुनौती से जूझ रही है, जबकि झारखंड की पारंपरिक जीवनशैली सदियों से प्रकृति के साथ संतुलन पर आधारित रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा विकास मॉडल तैयार करना है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण, पारंपरिक ज्ञान और सामाजिक न्याय को बराबर महत्व मिले।
लाह, तसर और लघु वनोपज से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लाह, तसर, औषधीय पौधों और लघु वनोपज जैसी पारंपरिक आजीविकाओं को आधुनिक बाजार से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है।
इसके लिए वैल्यू एडिशन, ब्रांडिंग और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लाखों परिवारों की आय बढ़ाई जा सके।
उन्होंने कहा कि ग्राम सभा, स्थानीय ज्ञान और आधुनिक तकनीक के बीच बेहतर समन्वय झारखंड के विकास का नया आधार बन सकता है।
भर्ती परीक्षाओं को लेकर युवाओं को CM का भरोसा
हाल के दिनों में JPSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में युवाओं को भी संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देश के कई हिस्सों में पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं की घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन दूसरे राज्यों में हुई घटनाओं से झारखंड की जिम्मेदारी कम नहीं होती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से नियुक्तियां सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है। इसके तहत वार्षिक परीक्षा कैलेंडर तैयार करने के साथ ही OMR और उत्तर कुंजी को जल्द उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत की जाएगी।
‘छात्रों की बात छात्रों के साथ’ अभियान शुरू
मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार ने ‘छात्रों की बात छात्रों के साथ’ अभियान शुरू किया है। इसके तहत विद्यार्थियों, शिक्षकों और विशेषज्ञों से सुझाव लिए जाएंगे और नियमों के अनुरूप आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी भ्रष्ट तंत्र या परीक्षा में अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। हालांकि उन्होंने बिना प्रमाण किसी को दोषी ठहराने की राजनीति से भी बचने की बात कही।
सरकारी नौकरी के साथ निजी क्षेत्र में भी रोजगार पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल सरकारी रिक्तियों को भरना नहीं है। MSME, कृषि, डेयरी, मत्स्य पालन, पर्यटन, डिजिटल सेवाओं और स्टार्टअप के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर भी सरकार का फोकस है।
उन्होंने युवाओं और किसानों से कहा कि सरकार ऐसा पारदर्शी वातावरण तैयार करने की दिशा में काम कर रही है, जहां युवाओं की मेहनत और प्रतिभा को उचित अवसर मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की मेहनत की रक्षा करना उनका व्यक्तिगत दायित्व है और झारखंड ऐसा विकास मॉडल तैयार करेगा, जिसकी मिसाल पूरे देश में दी जा सके।
