हल्द्वानी की कथित ‘शुद्धिकरण’ घटना के विरोध में रांची में कांग्रेस का प्रदर्शन, कहा- छुआछूत और भेदभाव बंद हो

रांची में कांग्रेस का सत्याग्रह, ‘छुआछूत बंद करो-भेदभाव बंद करो’ के लगाए नारे

हल्द्वानी की कथित ‘शुद्धिकरण’ घटना के विरोध में रांची में कांग्रेस का प्रदर्शन, छुआछूत और भेदभाव के खिलाफ सत्याग्रह

Ranchi: हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर रैली स्थल के ‘शुद्धिकरण’ किए जाने के मामले को लेकर रांची में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने घटना को संविधान, समानता और सामाजिक न्याय के मूल्यों के खिलाफ बताते हुए छुआछूत और जातीय भेदभाव खत्म करने की मांग की।

रांची जिला ग्रामीण कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष सोमनाथ मुंडा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मोरहाबादी स्थित रांची कॉलेज के पास से जुलूस निकाला। जुलूस बापू वाटिका पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने सत्याग्रह किया।

‘छुआछूत बंद करो, भेदभाव बंद करो’ के लगे नारे

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘छुआछूत बंद करो’, ‘भेदभाव बंद करो’, ‘संविधान जिंदाबाद’, ‘समानता जिंदाबाद’, ‘जातिवाद मुर्दाबाद’ और ‘मनुवाद मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाए।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश में हर नागरिक को संविधान समानता और सम्मान का अधिकार देता है। ऐसे में किसी व्यक्ति के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद कथित तौर पर कार्यक्रम स्थल का शुद्धिकरण किया जाना सामाजिक भेदभाव की मानसिकता को दर्शाता है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा- यह संविधान और लोकतंत्र का अपमान

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि हल्द्वानी की घटना को केवल मल्लिकार्जुन खड़गे से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, ऐसी घटना संविधान, लोकतंत्र और समानता के मूल्यों से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करती है।

उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को बराबरी का अधिकार देता है और कांग्रेस ऐसी सोच के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने बताया कि घटना के विरोध में झारखंड के अलग-अलग जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से प्रदर्शन और सत्याग्रह किया जा रहा है।

राजेश ठाकुर बोले- छुआछूत की सोच खत्म करना जरूरी

पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि देश तकनीक और विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, लेकिन अगर आज भी किसी व्यक्ति के स्पर्श को अपवित्र मानने जैसी सोच मौजूद है तो यह चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि जाति और छुआछूत की मानसिकता को खत्म करना केवल किसी एक राजनीतिक दल की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज को इसके खिलाफ खड़ा होना होगा।

संविधान और सामाजिक न्याय के मूल्यों पर जोर

जिला कांग्रेस अध्यक्ष सोमनाथ मुंडा ने भी कथित घटना को संविधान और समानता के मूल्यों के खिलाफ बताया। प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश पाल मुंजनी ने भाजपा और उससे जुड़े संगठनों पर संविधान के मूल्यों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया।

वहीं प्रदेश कांग्रेस महासचिव आलोक कुमार दूबे और लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि देश को छुआछूत और भेदभाव की नहीं, बल्कि भाईचारे और समानता की जरूरत है।

एससी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष केदार पासवान ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के समानता और सामाजिक न्याय के विचारों को मजबूत करने की बात कही।

‘भारत जोड़ो, नफरत छोड़ो’ का दिया संदेश

सत्याग्रह के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘भारत जोड़ो, नफरत छोड़ो’ का संदेश दिया। कार्यकर्ताओं ने संविधान, समानता और सामाजिक सद्भाव की रक्षा का संकल्प भी लिया।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सामाजिक भेदभाव और छुआछूत के खिलाफ पार्टी आगे भी विभिन्न स्तरों पर अपनी आवाज उठाती रहेगी।

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