PM Modi Independence Day Speech: लाल किले से पीएम मोदी का बड़ा संदेश, ‘दिमागी नक्सलियों’ से सावधान रहने की अपील
New Delhi: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने लगातार 13वीं बार लाल किले से तिरंगा फहराया और करीब 76 मिनट के संबोधन में विकसित भारत 2047, आत्मनिर्भरता, महिला आरक्षण, युवाओं के लिए AI प्रशिक्षण, नक्सलवाद, ऊर्जा सुरक्षा और तकनीकी विकास समेत कई अहम मुद्दों पर सरकार की प्राथमिकताएं सामने रखीं।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत अब छोटे सपनों से आगे बढ़कर बड़े लक्ष्य तय करने के दौर में है। उन्होंने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में देश को अपनी कार्यसंस्कृति, सोच और काम करने की गति में बड़े बदलाव लाने होंगे।
‘हथियारबंद नक्सल चले गए, लेकिन दिमागी नक्सल मौजूद’
प्रधानमंत्री मोदी ने नक्सलवाद के मुद्दे पर कहा कि देश ने हथियारबंद नक्सलवाद को समाप्त करने का संकल्प लिया था और आज कई नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि हथियारबंद नक्सलियों के बाद भी समाज में ऐसे लोग मौजूद हैं जो युवाओं को भटकाने और समाज को गलत दिशा में ले जाने का प्रयास कर सकते हैं।
उन्होंने ऐसे लोगों को पहचानने और युवाओं को उनके प्रभाव से बचाने की जरूरत पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा में जोड़कर विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करना होगा।
महिला आरक्षण को लेकर राजनीतिक दलों से अपील
पीएम मोदी ने महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने की दिशा में सभी राजनीतिक दलों को मिलकर आगे बढ़ना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे महिला आरक्षण के मुद्दे पर राजनीति न करें और महिलाओं को उनका अधिकार देने की प्रक्रिया में शामिल हों।
एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल्स की ट्रेनिंग
युवाओं के लिए प्रधानमंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि सरकार अगले एक वर्ष में 1 करोड़ युवाओं को AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ट्रेनिंग देने की दिशा में काम करेगी।
इसके साथ ही छात्रों के लिए कई प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था शुरू करने की बात भी कही गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की युवा शक्ति को नई तकनीक से जोड़ना विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि काम करने के तरीके और देश की कार्यसंस्कृति में भी बदलाव लाना होगा।
उन्होंने कहा कि जो काम पिछले कई दशकों में नहीं हो सके, उन्हें आने वाले कुछ वर्षों में पूरा करने का प्रयास करना होगा।
आत्मनिर्भर भारत पर जोर
पीएम मोदी ने आत्मनिर्भरता को भारत की जरूरत बताते हुए कहा कि देश को दूसरे देशों पर निर्भर रहकर आगे नहीं बढ़ना है। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और ऐसे समय में भारत को अपनी क्षमताओं को मजबूत करना होगा।
उन्होंने मेक इन इंडिया, स्वदेशी और वोकल फॉर लोकल को देश की आर्थिक ताकत से जोड़ते हुए विनिर्माण क्षेत्र को और मजबूत करने पर जोर दिया।
AI, क्वांटम और डेटा सेंटर से लेकर सेमीकंडक्टर तक पर फोकस
प्रधानमंत्री ने तकनीक और इनोवेशन को भारत की विकास यात्रा की महत्वपूर्ण शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि आज का दौर डेटा सेंटर, AI, क्वांटम तकनीक और अन्य उभरती तकनीकों का है।
पीएम मोदी ने भारत को इनोवेशन का हब बनाने और डिजिटल पब्लिक टेक्नोलॉजी को दुनिया के दूसरे देशों तक पहुंचाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने सेमीकंडक्टर निर्माण में भारत की प्रगति का भी उल्लेख किया।
सप्तधारा के जरिए विकास का रोडमैप
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत की विकास यात्रा के लिए ‘सप्तधारा’ का उल्लेख किया। इसमें मैन्युफैक्चरिंग, किसान और फूड प्रोसेसिंग, टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन, गति शक्ति, रक्षा शक्ति, ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी तथा भारत की सॉफ्ट पावर जैसे क्षेत्र शामिल रहे।
उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में तेजी से काम करके भारत आने वाले वर्षों में वैश्विक स्तर पर अपनी भूमिका और मजबूत कर सकता है।
ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी पर भी जोर
प्रधानमंत्री ने ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूएबल एनर्जी, एनर्जी स्टोरेज, ग्रीन मोबिलिटी और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग को भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने भारत की लंबी समुद्री तटरेखा, मत्स्य पालन, तटीय पर्यटन और समुद्री तकनीक को ब्लू इकोनॉमी के बड़े अवसरों के रूप में रेखांकित किया।
ऊर्जा सुरक्षा को बताया समय की जरूरत
पीएम मोदी ने कहा कि आधुनिक अर्थव्यवस्था के लिए ऊर्जा बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा को समय की जरूरत बताते हुए परमाणु ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा और समुद्र के भीतर ऊर्जा संसाधनों की खोज का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि भारत को अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बाहरी निर्भरता कम करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ना होगा।
रेलवे, सौर ऊर्जा और डिजिटल इंडिया की उपलब्धियां गिनाईं
प्रधानमंत्री ने सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए रेलवे विद्युतीकरण, सौर ऊर्जा, पाइप्ड गैस, डिजिटल लेन-देन और अन्य क्षेत्रों में हुई प्रगति का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि देश में सौर ऊर्जा की क्षमता में कई गुना वृद्धि हुई है और पीएम सूर्य घर योजना के जरिए घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का काम जारी है।
‘बड़े सपने देखने होंगे’
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब छोटे सपनों से आगे बढ़ने के लिए तैयार है। उन्होंने देशवासियों से बड़े लक्ष्य तय करने और मजबूत संकल्प के साथ उन्हें हासिल करने का आह्वान किया।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत की युवा शक्ति, किसान और महिलाएं देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और इन्हीं के सामर्थ्य के आधार पर 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
