दुमका में राज्यपाल संतोष गंगवार ने फहराया तिरंगा, ‘विकसित भारत @2047’ और ‘विकसित झारखंड’ पर दिया जोर

स्वतंत्रता दिवस पर दुमका में राज्यपाल संतोष गंगवार का संबोधन, शिक्षा-स्वास्थ्य से रोजगार तक गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

दुमका में राज्यपाल संतोष गंगवार ने फहराया तिरंगा, ‘विकसित भारत @2047’ के साथ ‘विकसित झारखंड’ का दिया संदेश

Dumka: 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को दुमका में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद उन्होंने आकर्षक परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने झारखंड के गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी बात रखी।

राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 15 अगस्त केवल एक तारीख नहीं, बल्कि देश के स्वाभिमान, संघर्ष, त्याग और स्वतंत्रता का प्रतीक है। उन्होंने महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, रानी लक्ष्मीबाई समेत तमाम स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी।

उन्होंने झारखंड के वीर नायकों भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो, तिलका मांझी और नीलांबर-पीतांबर के बलिदान को भी याद किया। राज्यपाल ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का उलगुलान आज भी जल, जंगल और जमीन की रक्षा के साथ अपनी पहचान और संस्कृति के लिए संघर्ष की प्रेरणा देता है।

‘विकसित भारत @2047’ के साथ विकसित झारखंड का लक्ष्य

राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि भारत ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। विज्ञान, तकनीक, अंतरिक्ष, शिक्षा और डिजिटल क्षेत्र में देश लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है।

उन्होंने कहा कि झारखंड को भी विकास की इस यात्रा में अपनी मजबूत भूमिका निभानी होगी। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, युवाओं और किसानों के हित में किए जा रहे प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए राज्य को विकसित झारखंड के लक्ष्य की ओर ले जाने की जरूरत है।

शिक्षा को बताया विकास की बुनियाद

राज्यपाल ने शिक्षा को व्यक्ति और समाज के सर्वांगीण विकास की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि ‘नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के तहत 15 वर्ष से अधिक आयु के करीब 10 लाख निरक्षरों को साक्षर बनाया गया है।

माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए 495 करोड़ रुपये की स्वीकृति का भी उन्होंने उल्लेख किया। राज्य में 35 हजार से अधिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना संचालित होने की जानकारी दी गई।

छात्राओं के लिए ‘मांकी मुण्डा छात्रवृत्ति योजना’ का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने बताया कि तकनीकी पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाली छात्राओं को प्रतिवर्ष 25 हजार रुपये और डिप्लोमा पाठ्यक्रम की छात्राओं को 15 हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी जा रही है।

स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर जोर

राज्यपाल ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण को लेकर भी सरकार की योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सुपर स्पेशियलिटी रिम्स-2 का निर्माण जारी है।

इसके अलावा पूर्वी सिंहभूम, खूंटी, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा और धनबाद में पीपीपी मोड पर छह नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाने की बात भी उन्होंने कही।

संथाल परगना को एक्सपोर्ट हब बनाने की तैयारी

राज्यपाल ने कृषि और औद्योगिक विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि खरीफ विपणन मौसम में करीब 5 लाख मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की गई है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ 81 रुपये प्रति क्विंटल की दर से विशेष बोनस देने की बात भी कही गई।

निवेश के क्षेत्र में नई दिल्ली में आयोजित नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन के जरिए 99 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के लिए 10 एमओयू किए जाने का उल्लेख किया गया।

उन्होंने कहा कि संथाल परगना के सभी जिलों को एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके लिए स्थानीय उत्पादों की पहचान कर विशेष समितियों का गठन किया गया है।

युवाओं के लिए रोजगार और स्टार्टअप पर फोकस

राज्यपाल ने कहा कि झारखंड की युवा शक्ति राज्य की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के अलावा निजी क्षेत्र, उद्योग, कृषि, पर्यटन और स्वरोजगार में भी अवसर पैदा करने की जरूरत है।

स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए ऋण और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई। पर्यटन के क्षेत्र में हुंडरू, दशम, नेतरहाट, देवघर, बासुकीनाथ और मलूटी जैसे प्रमुख स्थलों के साथ इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।

महिला सशक्तिकरण और सुशासन का भी किया जिक्र

राज्यपाल ने मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में महिलाओं के खातों में 15 हजार करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए। उन्होंने इसे महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की पारंपरिक व्यवस्था और स्थानीय स्वशासन को मजबूत करने के लिए पेसा कानून लागू किया गया है। साथ ही भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस और सरकारी योजनाओं में डिजिटल तकनीक के जरिए पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

अंत में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने युवाओं, महिलाओं और प्रदेश के सभी नागरिकों से ‘विकसित झारखंड’ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल सुरक्षाबलों के जवानों की भी सराहना की।

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