हजारीबाग: 12 वर्षीय अनाथ सुनील तिर्की के सामने आजीविका का संकट, ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई मदद की गुहार

हजारीबाग के केरेडारी प्रखंड में 12 वर्षीय अनाथ बालक सुनील तिर्की आजीविका संकट से जूझ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से राशन, शिक्षा, आवास और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की।

हजारीबाग जिले के केरेडारी प्रखंड अंतर्गत फुसरी गांव में रहने वाले 12 वर्षीय अनाथ बालक सुनील तिर्की के सामने जीवनयापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि माता-पिता के निधन के बाद वह पूरी तरह अकेला हो गया है और नियमित भोजन, शिक्षा तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित है।

दस्तावेज नहीं बनने से योजनाओं का लाभ नहीं

स्थानीय लोगों के अनुसार, सुनील तिर्की का अब तक जन्म प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं बन पाए हैं। इसके कारण वह सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने से वंचित है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द दस्तावेज बनवाकर उसे सरकारी योजनाओं से जोड़ने की मांग की है।

मजदूरी कर चला रहा जीवन

ग्रामीणों का कहना है कि बालक अपनी जीविका चलाने के लिए छोटे-मोटे मजदूरी के काम करता है। कई बार काम नहीं मिलने पर उसे भोजन तक के लिए संघर्ष करना पड़ता है। आर्थिक तंगी के कारण उसकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।

प्रशासन से तत्काल सहायता की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सुनील को राशन, शिक्षा, आवास, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ जल्द उपलब्ध कराया जाए। उनका कहना है कि आवश्यक दस्तावेज बनाकर उसे सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए, ताकि वह सम्मानपूर्वक जीवन जी सके और उसकी शिक्षा भी जारी रह सके।

ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि संबंधित विभाग मामले की जांच कर पात्रता के आधार पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएगा, जिससे बच्चे को शिक्षा, पोषण और सुरक्षित भविष्य मिल सके।

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