झारखंड दौरे पर कांग्रेस प्रभारी के. राजू, SIR अभियान पर रहेगा फोकस; राज्यसभा चुनाव हार की समीक्षा पर भी नजर

राज्यसभा चुनाव में मिली हार की समीक्षा को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं।

झारखंड कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू गुरुवार से पांच दिवसीय झारखंड दौरे पर रहेंगे। उनके दौरे का मुख्य उद्देश्य विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय करना और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद स्थापित करना बताया जा रहा है। हालांकि, राजनीतिक हलकों में इस बात की भी चर्चा है कि क्या इस दौरे के दौरान हालिया राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की हार पर भी मंथन होगा।

बूथ स्तर पर करेंगे कार्यकर्ताओं से मुलाकात

रांची पहुंचने के बाद के. राजू ग्रामीण क्षेत्रों में बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। कांग्रेस का कहना है कि SIR अभियान के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।

पार्टी के अनुसार, इस अभियान के लिए राज्यभर में करीब 23,000 बीएलओ (BLA-स्तरीय कार्यकर्ता) नियुक्त किए गए हैं, जो मतदाता सूची से जुड़े कार्यों में संगठन की ओर से सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

राज्यसभा चुनाव की हार पर टिकी निगाहें

हालिया राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली हार के बाद पार्टी के भीतर आत्ममंथन की चर्चा लगातार होती रही है। ऐसे में राजनीतिक विश्लेषकों की नजर इस बात पर है कि क्या के. राजू अपने दौरे के दौरान चुनाव परिणामों की समीक्षा करेंगे और संगठनात्मक कमजोरियों पर चर्चा होगी।

हालांकि, आधिकारिक कार्यक्रम में SIR और संगठन सुदृढ़ीकरण पर अधिक जोर दिया गया है।

हार के बाद बढ़ा था सियासी विवाद

राज्यसभा चुनाव के बाद के. राजू ने सार्वजनिक रूप से हार के लिए महागठबंधन की कुछ सहयोगी पार्टियों के नेताओं पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि गठबंधन के कुछ विधायकों ने क्रॉस वोटिंग या वोट अमान्य होने जैसी परिस्थितियां पैदा कीं। दूसरी ओर, सहयोगी दलों के कुछ नेताओं ने भी के. राजू के नेतृत्व पर सवाल उठाए थे। इन बयानों के बाद गठबंधन के भीतर राजनीतिक बहस तेज हो गई थी।

ऐसे में उनका यह दौरा राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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