दिल्ली में झारखंड के व्यापार को बढ़ावा देने की पहल, केंद्र से DGFT कार्यालय, ड्राई पोर्ट और अंतरराष्ट्रीय कार्गो सुविधा की मांग

श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को सौंपा प्रस्ताव।

झारखंड में निर्यात को नई गति देने और उद्योगों के लिए बेहतर कारोबारी माहौल तैयार करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे हैं। इस संबंध में झारखंड के श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव ने नई दिल्ली में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर राज्य की व्यापारिक आवश्यकताओं से जुड़ा विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

मंत्री ने बताया कि झारखंड खनिज संपदा और औद्योगिक क्षमता के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। देश के कुल खनिज भंडार और स्टील उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान के बावजूद राज्य में निर्यात को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक संस्थागत सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने कहा कि राज्य में 7 लाख से अधिक एमएसएमई (MSME) इकाइयां संचालित हैं, जिन्हें बेहतर आधारभूत ढांचा मिलने पर वैश्विक बाजार तक पहुंचाया जा सकता है।

DGFT का क्षेत्रीय कार्यालय खोलने की मांग

ज्ञापन में झारखंड में डीजीएफटी (DGFT) का क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित करने की मांग की गई है, ताकि आयात-निर्यात से जुड़े लाइसेंस और अन्य अनुमतियां व्यापारियों को राज्य में ही आसानी से उपलब्ध हो सकें।

ड्राई पोर्ट और टेस्टिंग लैब का प्रस्ताव

राज्य सरकार ने झारखंड में ड्राई पोर्ट, एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल का क्षेत्रीय कार्यालय तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप टेस्टिंग लैब स्थापित करने का भी प्रस्ताव दिया है। इससे उत्पादों की गुणवत्ता जांच राज्य में ही हो सकेगी और निर्यात प्रक्रिया आसान होगी।

गांवों तक पहुंचे निर्यात का लाभ

मंत्री ने सुझाव दिया कि केंद्र सरकार की उड़ान (UDAN), डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और पीएम गति शक्ति जैसी योजनाओं का लाभ झारखंड के दूर-दराज क्षेत्रों तक पहुंचाया जाए, ताकि गांवों और छोटे कस्बों में तैयार उत्पाद भी अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सकें।

रांची और देवघर एयरपोर्ट पर कार्गो सुविधा की मांग

ज्ञापन में रांची और देवघर हवाई अड्डों को अंतरराष्ट्रीय कार्गो सुविधाओं से लैस करने की मांग भी की गई है। इसके अलावा रांची, जमशेदपुर और देवघर में निर्यात संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे स्थानीय उद्यमियों और व्यापारियों को वैश्विक व्यापार की प्रक्रियाओं की बेहतर जानकारी मिल सके।

मंत्री संजय प्रसाद यादव ने उम्मीद जताई कि यदि केंद्र सरकार इन प्रस्तावों पर सकारात्मक निर्णय लेती है, तो झारखंड देश के प्रमुख निर्यात केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बना सकेगा।

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