झारखंड बजट खर्च में महिला एवं बाल विकास विभाग सबसे आगे, ₹20,238 करोड़ के बजट में ₹6,965 करोड़ खर्च
Ranchi: झारखंड सरकार के वित्तीय वर्ष के बजट खर्च के आंकड़ों में महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग सबसे आगे रहा है। राज्य के संशोधित बजट ₹1,37,799.91 करोड़ में अब तक कुल ₹29,178.40 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार नियंत्रक पदाधिकारियों के स्तर पर ₹85,754.87 करोड़ की स्वीकृति दी जा चुकी है। वहीं डीडीओ स्तर पर ₹58,890.82 करोड़ जारी किए गए हैं और कोषागार से ₹54,009.06 करोड़ की निकासी हुई है। हालांकि, वास्तविक व्यय अब तक ₹29,178.40 करोड़ ही हुआ है।
महिला एवं बाल विकास विभाग खर्च में टॉप
सबसे अधिक खर्च करने वाले विभागों में महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग पहले स्थान पर है। विभाग के लिए ₹20,238.41 करोड़ का बजट प्रावधान है, जिसमें से अब तक ₹6,965.90 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं।
इसके बाद ऊर्जा विभाग का स्थान है। ऊर्जा विभाग के ₹11,197.89 करोड़ के बजट में से ₹4,214.14 करोड़ खर्च हुए हैं।
वहीं स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्राथमिक एवं वयस्क शिक्षा प्रभाग के लिए ₹9,474.93 करोड़ का बजट है, जिसमें से ₹3,113.54 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं।
इन विभागों ने भी किया उल्लेखनीय खर्च
गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के गृह प्रभाग ने ₹8,910.06 करोड़ के बजट में से ₹2,696.16 करोड़ खर्च किए हैं।
ग्रामीण कार्य विभाग ने ₹3,803.41 करोड़ के बजट में से ₹1,866.91 करोड़ खर्च किया है।
इसी तरह स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने ₹5,946.40 करोड़ के बजट में से ₹1,683.36 करोड़ खर्च किए हैं।
शिक्षा क्षेत्र में भी हुआ खर्च
स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के माध्यमिक शिक्षा प्रभाग का बजट ₹4,909.72 करोड़ है, जिसमें से ₹1,081.21 करोड़ खर्च हुए हैं।
वहीं उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के उच्च शिक्षा प्रभाग के ₹1,949.81 करोड़ के बजट में से ₹703.84 करोड़ खर्च किए गए हैं। तकनीकी शिक्षा प्रभाग में ₹479.65 करोड़ के बजट के मुकाबले ₹60.52 करोड़ खर्च हुए हैं।
ग्रामीण विकास और सड़क निर्माण विभाग की स्थिति
ग्रामीण विकास विभाग के ₹7,270.60 करोड़ के बजट में से ₹871.40 करोड़ खर्च हुए हैं। वहीं पथ निर्माण विभाग के ₹6,301.28 करोड़ के बजट में से ₹806.46 करोड़ खर्च किए गए हैं।
जल संसाधन विभाग ने ₹2,121.82 करोड़ के बजट में से ₹716.26 करोड़ खर्च किए हैं, जबकि लघु सिंचाई प्रभाग में ₹392.89 करोड़ के बजट के मुकाबले ₹102.96 करोड़ खर्च हुए हैं।
कई विभागों का खर्च अभी काफी कम
आंकड़ों में कई ऐसे विभाग भी हैं जहां बजट की तुलना में खर्च काफी कम दिखाई दे रहा है। उदाहरण के लिए, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के ₹3,966.61 करोड़ के बजट में से अब तक ₹126.22 करोड़ खर्च हुए हैं।
वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के ₹1,533.05 करोड़ के बजट में से ₹100.10 करोड़ खर्च हुए हैं।
वहीं खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के ₹2,480.22 करोड़ के बजट में से ₹67.09 करोड़ खर्च किए गए हैं।
कुल बजट और खर्च
आंकड़ों के मुताबिक झारखंड का संशोधित बजट ₹1,37,799.91 करोड़ है और अब तक कुल ₹29,178.40 करोड़ का व्यय दर्ज किया गया है। इससे स्पष्ट है कि बजट राशि का बड़ा हिस्सा अभी खर्च किया जाना बाकी है।
नोट: यह रिपोर्ट उपलब्ध विभागवार बजट एवं व्यय आंकड़ों पर आधारित है।
