गोड्डा में हथियार बनाने की कथित फैक्ट्री पर छापा

गोड्डा के महगामा में कथित मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा, 10 हजार कट्टे बाजार में पहुंचने का दावा; पवन तुरी का मकान जांच के घेरे में

गोड्डा: झारखंड के गोड्डा जिले के महगामा थाना क्षेत्र के घाट बलिया में कथित मिनी गन फैक्ट्री के खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। बिहार STF और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार को यहां एक मकान में छापेमारी कर तलाशी अभियान चलाया। पुलिस के मुताबिक, परिसर में अवैध हथियार निर्माण से जुड़ी गतिविधियां चलने की सूचना मिली थी।

पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर परिसर को अपने कब्जे में लिया और तलाशी शुरू की। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और अन्य सामान बरामद किए गए हैं। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी जब्त सामान की पूरी सूची सार्वजनिक नहीं की गई है।

पवन तुरी का मकान होने का दावा

इस कार्रवाई के बाद जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह पवन तुरी का है। स्थानीय स्तर पर पवन तुरी के खुद को RTI एक्टिविस्ट, पत्रकार और मानवाधिकार संगठन से जुड़े व्यक्ति के तौर पर परिचित कराने की बात कही जा रही है।

बताया जा रहा है कि जिस मकान में पुलिस ने कार्रवाई की, वह पवन तुरी का है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कथित हथियार निर्माण गतिविधियों का संचालन स्वयं पवन तुरी कर रहे थे या किसी अन्य व्यक्ति ने उनके मकान का इस्तेमाल किया।

इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और मामले में पुलिस की जांच जारी है।

तीन साल में 10 हजार हथियार बाजार में पहुंचने का दावा

मामले को लेकर यह भी दावा किया जा रहा है कि पिछले करीब तीन वर्षों में इसी जगह से लगभग 10 हजार कट्टे बाजार में पहुंचाए गए। हालांकि, इस दावे की पुष्टि पुलिस की ओर से आधिकारिक तौर पर नहीं की गई है।

यदि जांच में यह दावा सही पाया जाता है, तो इससे कथित हथियार नेटवर्क के दायरे को लेकर भी कई सवाल खड़े हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस इस पहलू समेत पूरे मामले की जांच कर रही है।

मकान सील, सामान जब्त

बताया गया है कि कार्रवाई महगामा SDPO वरुण कुमार रजक के सहयोग से की गई। संयुक्त टीम ने परिसर की तलाशी ली और हथियार निर्माण से संबंधित सामग्री बरामद की।

पुलिस के अनुसार, घाट बलिया स्थित कथित फैक्ट्री को सील कर दिया गया है और वहां मौजूद सामान को जब्त कर लिया गया है। हालांकि, बरामदगी की विस्तृत सूची अभी सामने नहीं आई है।

महगामा SDPO वरुण कुमार रजक ने बताया कि मामले में कार्रवाई अभी जारी है। उनका कहना है कि पूरी कार्रवाई समाप्त होने के बाद मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।

कई सवालों के जवाब बाकी

फिलहाल पुलिस की जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि कथित मिनी गन फैक्ट्री का वास्तविक संचालन कौन कर रहा था, इसमें कितने लोग शामिल थे और हथियारों की कथित सप्लाई का नेटवर्क कितना बड़ा था।

पिछले कुछ वर्षों में करीब 10 हजार हथियार बाजार में पहुंचने के दावे की भी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल घाट बलिया में बिहार STF और झारखंड पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद एक मकान जांच के घेरे में है। पुलिस की विस्तृत जांच और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही इस पूरे मामले की तस्वीर साफ हो पाएगी।

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