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झारखंड कैडर के IAS रमेश घोलप जाएंगे डेपुटेशन पर, राज्य सरकार ने दी NOC
Ranchi: झारखंड कैडर के 2012 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी रमेश घोलप के डेपुटेशन पर जाने का रास्ता साफ हो गया है। राज्य सरकार ने उन्हें बाह्य सेवा (डेपुटेशन) के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) और अनुमति प्रदान कर दी है।
कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। राज्य सरकार की मंजूरी मिलने के बाद अब रमेश घोलप केंद्रीय मंत्रालयों, दूसरे राज्यों या विभिन्न बाह्य संस्थानों में प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन कर सकेंगे।
IAS रमेश घोलप ने मांगी थी अनुमति
जानकारी के मुताबिक, IAS रमेश घोलप ने खुद बाह्य सेवा में जाने की इच्छा जताते हुए राज्य सरकार से NOC और अनुमति मांगी थी। उनके आवेदन पर सरकार की ओर से सहमति मिलने के बाद अब केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए उनके सामने नए विकल्प खुल गए हैं।
हालांकि, फिलहाल यह तय नहीं है कि वे किस केंद्रीय मंत्रालय, विभाग या संस्था में डेपुटेशन पर जाएंगे। इसके लिए आगे की चयन और प्रतिनियुक्ति प्रक्रिया पूरी होगी।
झारखंड के कई जिलों में दे चुके हैं सेवा
रमेश घोलप झारखंड कैडर के 2012 बैच के IAS अधिकारी हैं। उन्होंने राज्य में विभिन्न महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर काम किया है और झारखंड के कई जिलों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
डेपुटेशन पर जाने के बाद उन्हें केंद्र सरकार या किसी अन्य स्वीकृत संस्था में नई जिम्मेदारी मिल सकती है।
झारखंड कैडर के कई IAS अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर
झारखंड कैडर के कई वरिष्ठ IAS अधिकारी वर्तमान में केंद्र सरकार और विभिन्न राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में प्रतिनियुक्ति पर तैनात हैं। इनमें निधि खरे, सत्येन्द्र सिंह, सुनील कुमार बर्नवाल, राहुल शर्मा, कमल किशोर सोन, हिमाणी पांडे, आराधना पटनायक, हर्ष मंगला, ए. मुत्तु कुमार, अमित कुमार, राय महिमापत रे, शांतनु कुमार अग्रहरि, भुवनेश प्रताप सिंह और दिव्यांशू झा शामिल हैं।
इन अधिकारियों में कई केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में सचिव, अपर सचिव, संयुक्त सचिव, निदेशक और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
अब आगे की प्रक्रिया का इंतजार
राज्य सरकार से NOC मिलने के बाद रमेश घोलप के डेपुटेशन की प्रक्रिया का अगला चरण शुरू होगा। अब यह देखना होगा कि उन्हें किस विभाग या संस्था में प्रतिनियुक्ति मिलती है और नई जिम्मेदारी के लिए उनकी नियुक्ति कब होती है।
