Bihar MLC Election 2026: कांग्रेस-RJD महागठबंधन में दरार! 8 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी
Patna: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के बीच राजनीतिक दूरी बढ़ती नजर आ रही है। RJD की ओर से छह सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा किए जाने के बाद कांग्रेस ने भी सभी आठ सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने की तैयारी शुरू कर दी है।
कांग्रेस का कहना है कि RJD ने छह उम्मीदवारों के नाम घोषित करने से पहले पार्टी से कोई राय नहीं ली। इसे लेकर कांग्रेस के भीतर नाराजगी है।
RJD के 6 उम्मीदवार घोषित, कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने कहा कि RJD की ओर से छह उम्मीदवारों की घोषणा कर दी गई, लेकिन इस संबंध में कांग्रेस से कोई राय नहीं ली गई।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब गठबंधन के एक प्रमुख सहयोगी से उम्मीदवारों के चयन पर चर्चा नहीं की गई तो फिर गठबंधन बचा कहां है।
RJD ने हालांकि दो सीटों पर अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। इनमें कोसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। दरभंगा शिक्षक सीट से फिलहाल कांग्रेस नेता मदन मोहन झा MLC हैं। RJD की सूची में इन दोनों सीटों पर फिलहाल विचार किए जाने की बात कही गई है।
कांग्रेस सभी 8 सीटों पर उतार सकती है उम्मीदवार
RJD की सूची जारी होने के बाद कांग्रेस की शीर्ष प्रदेश नेतृत्व ने सभी आठ सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी शुरू कर दी है।
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरु और प्रदेश अध्यक्ष ने शनिवार को पार्टी मुख्यालय में संभावित उम्मीदवारों के इंटरव्यू भी लिए। हालांकि उम्मीदवारों के नाम अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
कांग्रेस की ओर से कभी भी प्रत्याशियों की आधिकारिक घोषणा किए जाने की संभावना है।
10 महीने में कैसे बदले कांग्रेस-RJD के रिश्ते?
बिहार विधानसभा चुनाव के बाद से ही कांग्रेस और RJD के रिश्तों में खटास की खबरें सामने आती रही हैं। पिछले करीब 10 महीनों में दोनों दलों के नेताओं के बीच कई मुद्दों पर मतभेद सार्वजनिक हुए हैं।
नवंबर 2025: विधानसभा चुनाव में हार के बाद उठे सवाल
विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस की समीक्षा बैठकों में कुछ नेताओं ने RJD को चुनावी नुकसान के लिए जिम्मेदार ठहराया था।
इसके बाद RJD के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा था कि अगर कांग्रेस अलग रास्ता अपनाना चाहती है तो अपना सकती है।
कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने भी उस समय महागठबंधन की उपयोगिता पर सवाल उठाते हुए कहा था कि RJD के साथ गठबंधन से कांग्रेस को चुनावी और संगठनात्मक लाभ नहीं मिला।
जनवरी 2026: कांग्रेस ने गठबंधन को बताया ‘चुनावी’
जनवरी में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा था कि RJD के साथ गठबंधन केवल चुनावी था। उन्होंने कहा था कि फिलहाल कोई चुनाव नहीं है, इसलिए गठबंधन को लेकर चर्चा की जरूरत नहीं है और पार्टी का ध्यान संगठन मजबूत करने पर है।
मार्च 2026: राज्यसभा चुनाव में भी दिखा मतभेद
मार्च में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान RJD ने अमरेंद्र धारी सिंह को उम्मीदवार बनाया था। कांग्रेस के तीन विधायक—मनोज विश्वास, मनोहर प्रसाद सिंह और सुरेंद्र कुशवाहा—वोटिंग से अनुपस्थित रहे।
इसके बाद इन विधायकों ने कहा था कि उम्मीदवार की घोषणा कांग्रेस से चर्चा किए बिना की गई थी।
2007 के बाद भी अलग राह पर चल चुकी हैं दोनों पार्टियां
कांग्रेस और RJD के बीच दूरी का यह पहला मामला नहीं है। करीब 15 साल पहले भी बिहार कांग्रेस ने RJD से अलग होकर चुनाव लड़ा था।
2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने बिहार की 40 में से 37 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे और दो सीटों पर जीत हासिल की थी। इसके बाद दोनों दल फिर साथ आए।
विधानसभा चुनावों में भी कांग्रेस ने फरवरी 2005 और अक्टूबर 2010 में RJD से अलग होकर चुनाव लड़ा था। 2010 में कांग्रेस ने बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन उसे सिर्फ चार सीटों पर जीत मिली थी।
MLC चुनाव से बढ़ सकती है महागठबंधन की चुनौती
विधान परिषद की आठ सीटों के चुनाव में अगर कांग्रेस और RJD अलग-अलग उम्मीदवार उतारते हैं तो इसका सीधा असर विपक्षी वोटों के बंटवारे पर पड़ सकता है।
फिलहाल कांग्रेस की ओर से उम्मीदवारों के नाम का आधिकारिक ऐलान बाकी है। वहीं RJD ने छह सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच सीटों को लेकर समझौता होता है या दोनों अलग-अलग चुनाव लड़ते हैं, इस पर नजर रहेगी।
नोट: कांग्रेस-RJD के बीच गठबंधन टूटने की स्थिति अभी अंतिम रूप से घोषित नहीं हुई है। फिलहाल उपलब्ध बयानों और उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया से दोनों दलों के बीच मतभेद के संकेत मिल रहे हैं।
