गढ़वा में ईरानी मूल के परिवारों की जांच, मतदाता सूची और सरकारी योजनाओं की होगी पड़ताल

जमशेदपुर के बाद गढ़वा में ईरानी मूल के परिवारों का मामला, मतदाता सूची से सरकारी योजनाओं तक जांच शुरू

 

Garhwa: झारखंड के जमशेदपुर में अफगान नागरिकों से जुड़े मामले के बीच अब गढ़वा जिले में ईरानी मूल के परिवारों से जुड़ा मामला सामने आया है। गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर 1 और वार्ड नंबर 3 के सोनपुरवा मोहल्ले में रहने वाले कुछ परिवारों के नाम विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची में सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।

 

प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि संबंधित लोगों की वास्तविक नागरिकता क्या है और किन परिस्थितियों में उनके नाम मतदाता सूची में शामिल हुए। इसके साथ ही इन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने की भी जांच की जा रही है।

 

मतदाता सूची में नाम मिलने के बाद प्रशासन सक्रिय

 

मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन और अंचल स्तर के अधिकारियों ने संबंधित रिकॉर्ड खंगालना शुरू किया है। जांच का मुख्य फोकस मतदाता सूची में नाम दर्ज होने की प्रक्रिया और संबंधित लोगों की नागरिकता से जुड़े दस्तावेजों पर है।

 

हालांकि, प्रशासन की ओर से इस मामले में फिलहाल कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले संबंधित लोगों की नागरिकता या किसी तरह की अनियमितता को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

 

जमीन के दस्तावेजों की भी जांच

 

शनिवार को अंचल कार्यालय की टीम वार्ड नंबर 3 स्थित सोनपुरवा मोहल्ले पहुंची और संबंधित परिवारों के जमीन से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की।

 

प्रारंभिक जांच में अधिकारियों के सामने यह जानकारी आई कि संबंधित परिवारों के पास रजिस्टर्ड केवाला के जरिए खरीदी गई जमीन है। इन जमीनों पर मकान बने हुए हैं और जमीन का नामांतरण यानी म्यूटेशन भी कराया गया है। बताया गया है कि जमीन के लिए सरकारी राजस्व की रसीद भी नियमित रूप से कटाई जा रही है।

 

अब प्रशासन इन दस्तावेजों की वैधता और उससे जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच कर रहा है।

 

सरकारी योजनाओं के लाभ की भी होगी पड़ताल

 

प्रशासन की जांच केवल मतदाता सूची तक सीमित नहीं है। संबंधित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिला है या नहीं, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।

 

अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए संबंधित लोगों की पात्रता क्या थी और आवेदन के दौरान कौन-कौन से दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे।

 

वार्ड में ‘वारगाह’ बनाए जाने की भी चर्चा

 

सोनपुरवा मोहल्ले में संबंधित परिवारों द्वारा एक छोटे ‘वारगाह’ के निर्माण की बात भी सामने आई है। प्रशासन अब इससे जुड़े तथ्यों की भी जानकारी जुटा रहा है।

 

हालांकि, किसी धार्मिक स्थल का होना अपने आप में नागरिकता या मतदाता सूची में नाम होने की वैधता का प्रमाण नहीं है। इन सभी पहलुओं की जांच संबंधित दस्तावेजों और प्रशासनिक रिकॉर्ड के आधार पर की जाएगी।

 

जांच पूरी होने के बाद तस्वीर होगी साफ

 

मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चाएं तेज हैं। वहीं, प्रशासनिक जांच जारी है। अधिकारियों की जांच में संबंधित लोगों की नागरिकता, मतदाता सूची में नाम शामिल होने की प्रक्रिया, जमीन के दस्तावेज और सरकारी योजनाओं से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है।

 

जांच पूरी होने और प्रशासन की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पूरे मामले में किसी तरह की अनियमितता हुई है या नहीं।

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