JSSC-CGL पेपर लीक का देवघर कनेक्शन! सचिवालय का लिपिक गिरफ्तार, 1200 अभ्यर्थियों से जुड़ा बड़ा खुलासा

JSSC CGL Paper Leak: देवघर से सचिवालय का लिपिक गिरफ्तार, हजारीबाग में 1200 अभ्यर्थियों का दावा

JSSC-CGL पेपर लीक का देवघर कनेक्शन! सचिवालय का लिपिक गिरफ्तार, हजारीबाग में 1200 अभ्यर्थियों को रटाए गए थे सवाल-जवाब

 

Ranchi/Deoghar: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक मामले की जांच अब देवघर तक पहुंच गई है। रिखिया थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बैजनाथपुर बंधा इलाके में छापेमारी कर एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास से कई अभ्यर्थियों के शैक्षणिक प्रमाण पत्र, चेकबुक और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

 

गिरफ्तार आरोपी की पहचान बिहार के बांका जिले के जयपुर थाना क्षेत्र निवासी के रूप में बताई गई है। पुलिस के मुताबिक वह वर्ष 2018 से रांची स्थित राज्य सचिवालय में लिपिक के पद पर कार्यरत था।

 

दुमका ट्रांसफर के बाद देवघर में रहने की बात

 

पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसका तबादला दुमका हो गया था और इसी वजह से वह देवघर में रह रहा था। हालांकि, जांच एजेंसियों को आशंका है कि वह CID की कार्रवाई और संभावित गिरफ्तारी से बचने के लिए देवघर में छिपा हुआ था।

 

फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले में उसकी भूमिका और परीक्षा फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

 

हजारीबाग में 1200 अभ्यर्थियों से जुड़ा दावा

 

शुरुआती पूछताछ में आरोपी की ओर से परीक्षा फर्जीवाड़े को लेकर कई अहम जानकारियां दिए जाने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने 24 से अधिक अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने के लिए कथित तौर पर सौदा तय किए जाने की जानकारी दी है।

 

पूछताछ में यह भी दावा सामने आया है कि हजारीबाग जिले में एक गुप्त ठिकाने पर करीब 1,200 अभ्यर्थियों को एक साथ रखा गया था। आरोप है कि वहां उन्हें JSSC-CGL परीक्षा से जुड़े सवाल और उनके जवाब रटाए गए थे।

 

हालांकि, 1,200 अभ्यर्थियों से जुड़े इस दावे की जांच अभी जारी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस कथित नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे और परीक्षा के प्रश्नपत्र या उत्तर से जुड़ी जानकारी उन तक कैसे पहुंची।

 

रांची से देवघर पहुंची CID की टीम

 

मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची से CID की विशेष टीम के देवघर पहुंचने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद CID आरोपी को रिमांड पर लेकर रांची में पूछताछ कर सकती है।

 

जांच एजेंसी का फोकस कथित परीक्षा फर्जीवाड़े के पूरे नेटवर्क का पता लगाने, अन्य आरोपियों की पहचान करने और अभ्यर्थियों से जुड़े दस्तावेजों एवं लेन-देन की जानकारी खंगालने पर रहेगा।

 

दस्तावेज और लेन-देन की जांच

 

पुलिस द्वारा बरामद शैक्षणिक प्रमाण पत्र, चेकबुक और अन्य दस्तावेजों को जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जांच एजेंसियां इन दस्तावेजों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी का किन अभ्यर्थियों और कथित बिचौलियों से संपर्क था।

 

फिलहाल स्थानीय पुलिस की पूछताछ और CID की आगे की कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि JSSC-CGL कथित पेपर लीक मामले का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।

 

नोट: मामले में सामने आए आरोप और पूछताछ से जुड़ी जानकारियां जांच का हिस्सा हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

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