2.20 करोड़ के इनामी नक्सली असीम मंडल का सरेंडर, झारखंड पुलिस को लंबे समय से थी तलाश
Ranchi: प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन के सेंट्रल कमेटी सदस्य (CCM) असीम मंडल उर्फ आकाश ने पश्चिम बंगाल में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। झारखंड पुलिस मुख्यालय ने भी उसके सरेंडर की पुष्टि की है। असीम मंडल पर झारखंड और ओडिशा सरकार की ओर से कुल 2.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
इनमें झारखंड सरकार की ओर से 1 करोड़ रुपये और ओडिशा सरकार की ओर से 1.20 करोड़ रुपये का इनाम शामिल था।
पश्चिम बंगाल में किया आत्मसमर्पण
पुलिस के मुताबिक असीम मंडल मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। सुरक्षा बलों के लगातार अभियान के बीच वह झारखंड और ओडिशा के सीमावर्ती इलाकों से निकलकर पश्चिम बंगाल पहुंचा था। इसके बाद उसने बंगाल पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने की इच्छा जताई।
असीम मंडल लंबे समय से पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा के सीमावर्ती क्षेत्रों में माओवादी गतिविधियों से जुड़ा बताया जाता रहा है। सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ और हमलों के कई मामलों में भी उसका नाम सामने आया है।
झारखंड में आखिरी बड़े इनामी नक्सलियों में शामिल था
झारखंड पुलिस के अनुसार असीम मंडल राज्य में सक्रिय बड़े इनामी माओवादी नेताओं में शामिल था। उसके आत्मसमर्पण को झारखंड के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चलाए जा रहे सुरक्षा अभियानों के संदर्भ में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
चाईबासा समेत कई हमलों में नाम
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 1 मार्च 2026 को चाईबासा के छोटानागरा थाना क्षेत्र के मरांगपोंगा में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में दो जवान घायल हुए थे। इनमें 209 कोबरा के एक असिस्टेंट कमांडेंट भी शामिल थे।
इसके अलावा 12 अप्रैल 2025 को चाईबासा के जराइकेला थाना क्षेत्र के राधापोरा में झारखंड जगुआर का एक जवान शहीद हुआ था।
11 जनवरी 2023 को टोंटो थाना क्षेत्र के तुंबाहाका में 209 कोबरा के नौ जवान घायल हुए थे। वहीं 31 मई 2020 को कराईकेला थाना क्षेत्र के जोनवा में सुरक्षा बल के एक जवान की मौत हुई थी। 11 जुलाई 2018 को पूर्वी सिंहभूम के एमजीएम थाना क्षेत्र के झाटी पहाड़ी में भी एक जवान शहीद हुआ था।
इन घटनाओं में असीम मंडल की भूमिका की जांच किए जाने की बात सामने आई है।
सरेंडर के बाद हथियारों के डंप की तलाश
असीम मंडल के आत्मसमर्पण के बाद सुरक्षा एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं। पूछताछ में जंगलों में छिपाकर रखे गए हथियार, गोला-बारूद और अन्य सामान के ठिकानों की जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि असीम से पूछताछ के आधार पर माओवादी संगठन के नेटवर्क, हथियारों के ठिकानों और अन्य सदस्यों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
असीम मंडल का आत्मसमर्पण झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के सीमावर्ती नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा अभियानों के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।
