CID SIT ने आयोग के अधिवक्ता संजय पिपरवाल को भेजा समन, कानूनी दस्तावेजों को लेकर होगी पूछताछ

JSSC मामले में CID SIT का बड़ा कदम, आयोग के अधिवक्ता संजय पिपरवाल को समन; कानूनी दस्तावेजों पर होगी पूछताछ

JSSC मामले में CID SIT ने अधिवक्ता संजय पिपरवाल को भेजा समन, कानूनी दस्तावेजों को लेकर होगी पूछताछ

रांची: जैसे-जैसे JPSC-JSSC भर्ती परीक्षा से जुड़े मामले की जांच आगे बढ़ रही है, CID की SIT की कार्रवाई भी तेज होती जा रही है। जांच की इसी कड़ी में अब CID की SIT ने JSSC के अधिवक्ता संजय पिपरवाल को समन भेजा है।

पिछले करीब एक महीने से CID की SIT इस मामले से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही है। अब जांच के दायरे में आयोग की ओर से अदालती मामलों में पैरवी करने वाले अधिवक्ता को भी शामिल किया गया है।

अदालती मामलों से जुड़े दस्तावेजों पर हो सकती है पूछताछ

सूत्रों के अनुसार, SIT यह जानने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा प्रणाली को लेकर विवाद सामने आने के बाद आयोग की ओर से कौन-कौन से निर्णय लिए गए और उन निर्णयों के पीछे क्या कानूनी प्रक्रिया रही।

इसी सिलसिले में SIT अधिवक्ता संजय पिपरवाल से विभिन्न अदालती मामलों से जुड़े कानूनी दस्तावेजों और आयोग की ओर से अदालत में रखे गए पक्ष के संबंध में जानकारी ले सकती है।

आयोग के फैसलों और कानूनी प्रक्रिया को समझना चाहती है SIT

जांच से जुड़े इस पहलू में SIT यह समझने का प्रयास कर सकती है कि परीक्षा विवाद सामने आने के बाद JSSC की ओर से कानूनी स्तर पर क्या कदम उठाए गए थे।

इसके अलावा अदालत में दाखिल किए गए दस्तावेज, आयोग की ओर से लिए गए निर्णय और संबंधित मामलों में अपनाई गई कानूनी प्रक्रिया भी पूछताछ का हिस्सा हो सकती है।

कानूनी नजरिये से होगी पूछताछ

अधिवक्ता को भेजे गए समन को फिलहाल जांच प्रक्रिया के तहत देखा जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पूछताछ का फोकस कानूनी दस्तावेजों, अदालती मामलों और आयोग की ओर से अपनाई गई कानूनी प्रक्रिया पर हो सकता है।

अधिवक्ता को समन किया जाना अपने आप में किसी अपराध में उनकी संलिप्तता साबित नहीं करता। SIT की पूछताछ के बाद ही इस पहलू से जुड़ी आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

JSSC मामले में जांच जारी

CID की SIT पिछले करीब एक महीने से JSSC मामले के अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही है। इससे पहले भी जांच के दौरान आयोग से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की गई है।

अब अधिवक्ता संजय पिपरवाल को समन किए जाने के बाद जांच का यह पहलू भी महत्वपूर्ण हो गया है। SIT की पूछताछ और दस्तावेजों की पड़ताल के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि परीक्षा विवाद से जुड़े घटनाक्रम में आयोग की कानूनी प्रक्रिया और निर्णयों की क्या भूमिका रही।

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