JPSC गड़बड़ी मामला: CID के सामने पेश हुए पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते, जांच में नए रैकेट के संकेत
OMR हेरफेर मामले में पूछताछ तेज, कई आरोपियों की दोबारा रिमांड की तैयारी; रेंजर परीक्षा भी जांच के दायरे में
Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच अब और तेज हो गई है। सोमवार को CID के नोटिस पर JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते पूछताछ के लिए CID मुख्यालय पहुंचे। एजेंसी उनसे OMR शीट में कथित हेरफेर, परीक्षा प्रक्रिया और आयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ कर रही है।
मुख्य आरोपियों की दोबारा रिमांड की तैयारी
जांच को आगे बढ़ाने के लिए CID कई गिरफ्तार आरोपियों को दोबारा रिमांड पर लेने की तैयारी में है। इसके लिए अदालत में आवेदन दिया जाएगा। जिन आरोपियों को रिमांड पर लेने की तैयारी है, उनमें शामिल हैं:
- श्वेता गुप्ता – पूर्व परीक्षा उपनियंत्रक, JPSC
- रामबीर सिंह – निदेशक, TDPL
- मनोज तिवारी उर्फ अभय तिवारी – गिरफ्तार DSO
CID का मानना है कि आमने-सामने पूछताछ से मामले के कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
अभ्यर्थी से पूछताछ में कथित रैकेट की जानकारी
जांच के दौरान गिरफ्तार अभ्यर्थी सुमन सौरभ से पूछताछ में कथित तौर पर एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क की जानकारी मिली है। CID के अनुसार, उसके पास OMR शीट की कार्बन कॉपी नहीं मिली, जिससे संदेह और गहरा हुआ है। एजेंसी अब उससे मिली जानकारियों का सत्यापन कर रही है और संभावित अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
रेंजर परीक्षा भी जांच के दायरे में
CID ने JPSC द्वारा आयोजित फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर (रेंजर) परीक्षा की भी जांच शुरू कर दी है। एजेंसी को OMR शीट में कथित हेरफेर की शिकायतें मिली हैं। जांच में एक IRB जवान की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। साथ ही कुछ चयनित अभ्यर्थियों और वन विभाग के कर्मचारियों के बीच संभावित संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
TDPL निदेशक सत्यपाल सिंह की तलाश जारी
परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी TDPL के एक अन्य निदेशक सत्यपाल सिंह की तलाश जारी है। CID की टीम जब उन्हें पकड़ने लखनऊ पहुंची, तब तक वे वहां से जा चुके थे। एजेंसी अब उनकी गिरफ्तारी के लिए अदालत से गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कराने की तैयारी कर रही है।
इससे पहले TDPL के निदेशक रामबीर सिंह को CID गिरफ्तार कर चुकी है।
जांच का दायरा बढ़ा
CID का मानना है कि JPSC की विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का दायरा बड़ा हो सकता है। एजेंसी दस्तावेजों, OMR रिकॉर्ड, परीक्षा संचालन प्रक्रिया और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और पूछताछ तथा कानूनी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
