हेमंत सरकार में अपराधियों पर शिकंजा, 18 महीनों में 26 पुलिस एनकाउंटर और 6 गैंगस्टर ढेर

झारखंड में पिछले डेढ़ साल में 26 पुलिस एनकाउंटर हुए। 6 कुख्यात अपराधी मारे गए, 20 से अधिक घायल हुए। जानिए किन जिलों में हुई सबसे ज्यादा कार्रवाई और प्रमुख एनकाउंटर की पूरी सूची।

EXCLUSIVE: झारखंड में अपराधियों पर पुलिस का बड़ा प्रहार, डेढ़ साल में 26 मुठभेड़; 6 कुख्यात बदमाश ढेर, 20 से अधिक घायल

संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई, कई बड़े गिरोहों की गतिविधियां पड़ीं धीमी

Ranchi: झारखंड में संगठित अपराध, रंगदारी गिरोहों और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पिछले डेढ़ वर्ष में लगातार तेज हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में राज्य के विभिन्न जिलों में 26 पुलिस मुठभेड़ (एनकाउंटर) हुई हैं। इन अभियानों में 6 कुख्यात अपराधी मारे गए, जबकि 20 से अधिक अपराधी घायल हुए हैं। कई अन्य अपराधियों को गिरफ्तार भी किया गया है। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों को राज्य में अपराध नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

कई जिलों में चला अभियान

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सबसे अधिक 9 मुठभेड़ रांची में हुईं। इसके अलावा धनबाद और जमशेदपुर में दो-दो बड़े एनकाउंटर दर्ज किए गए। वहीं रामगढ़, पलामू, बोकारो, चतरा, गोड्डा, साहिबगंज, हजारीबाग समेत कई जिलों में भी पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया।

बड़े गैंगों पर लगातार दबाव

हाल के महीनों में पुलिस ने रंगदारी, हत्या, हथियार तस्करी और संगठित अपराध से जुड़े कई गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई की है। कई आरोपी पुलिस मुठभेड़ों में घायल हुए, जबकि कई की गिरफ्तारी भी हुई। पुलिस का कहना है कि गैंगवार और संगठित अपराध से जुड़े नेटवर्क पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

हाल की बड़ी कार्रवाई

हाल ही में साहिबगंज जेल से धनबाद जेल शिफ्ट किए जा रहे कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की जामताड़ा में पुलिस मुठभेड़ के दौरान मौत हो गई। इससे पहले अमन साहू, उत्तम यादव और सूर्या हांसदा जैसे कुख्यात अपराधी भी अलग-अलग पुलिस अभियानों में मारे जा चुके हैं।

तकनीक और इंटेलिजेंस पर बढ़ा फोकस

पुलिस अधिकारियों के अनुसार आधुनिक हथियार, तकनीकी निगरानी, बेहतर इंटेलिजेंस नेटवर्क और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली के कारण अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई अधिक प्रभावी हुई है। विभिन्न जिलों में विशेष अभियान चलाकर गैंगस्टरों और वांछित अपराधियों के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।

कानून-व्यवस्था पर नियमित समीक्षा

गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय स्तर पर कानून-व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों को संगठित अपराध, रंगदारी और गैंगवार से जुड़े मामलों में प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

पिछले डेढ़ वर्ष के प्रमुख एनकाउंटर

आगे की चुनौती

पुलिस की लगातार कार्रवाई से कई बड़े अपराधी गिरोहों पर दबाव बढ़ा है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि संगठित अपराध के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए वित्तीय स्रोतों, हथियार आपूर्ति और गिरोहों के सक्रिय सदस्यों पर लगातार कार्रवाई जरूरी होगी।

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