CM हेमंत सोरेन की शुभकामनाओं के साथ गूंजा हर-हर महादेव, झारखंड में आस्था और उल्लास के बीच मनाई गई सावन की पहली सोमवारी
Ranchi: सावन की पहली सोमवारी पर पूरा झारखंड शिवभक्ति में सराबोर नजर आया। देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम से लेकर राजधानी रांची के ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर और राज्य के अन्य प्रमुख शिवालयों तक सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। चारों ओर “बोल बम”, “हर-हर महादेव” और “जय बाबा भोले” के जयघोष से माहौल भक्तिमय हो उठा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सावन की पहली सोमवारी पर प्रदेशवासियों और देश-विदेश से आए शिवभक्तों को शुभकामनाएं देते हुए बाबा बैद्यनाथ से सभी के सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने संदेश में कहा कि सावन का यह पवित्र महीना आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने देवघर, दुमका और अन्य प्रमुख शिवधामों में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम यात्रा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी अपील की, ताकि यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित बनी रहे।
पहाड़ी मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
राजधानी रांची के ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर में सुबह तड़के से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगी। मंदिर के कपाट खुलते ही भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। श्रद्धालु अपने साथ गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, दूध, चंदन और पूजा सामग्री लेकर पहुंचे और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
मंदिर परिसर में सुबह से देर तक भक्ति गीतों और शिव मंत्रों का वातावरण बना रहा।
व्यापक सुरक्षा और सुचारु व्यवस्था
भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए थे। मंदिर परिसर में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्ग बनाए गए, जबकि महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग कतारों की व्यवस्था की गई।
पुलिस बल, महिला सुरक्षा कर्मियों, स्वयंसेवकों और मंदिर प्रबंधन की संयुक्त व्यवस्था के कारण श्रद्धालुओं को बिना किसी परेशानी के दर्शन और जलाभिषेक का अवसर मिला।
अन्य शिवालयों में भी रही श्रद्धालुओं की भीड़
रांची के महाकाल मंदिर सहित राज्य के कई प्रमुख शिव मंदिरों में भी सावन की पहली सोमवारी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कई मंदिरों में अर्घा प्रणाली के माध्यम से जलाभिषेक कराया गया, जिससे दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रही।
मंदिर परिसरों में सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की गई और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
भक्ति और अनुशासन का दिखा सुंदर संगम
सावन की पहली सोमवारी पर झारखंड में श्रद्धा, अनुशासन और प्रशासनिक समन्वय का सुंदर उदाहरण देखने को मिला। लाखों शिवभक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की, जबकि राज्य सरकार और प्रशासन ने पूरी व्यवस्था को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
