रांची: मुख्यमंत्री Hemant Soren ने साफ कहा कि झारखंड की सरकार राजधानी से नहीं, गांवों से चलती है। राजधानी के टाना भगत स्टेडियम में आयोजित मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार सह मुखिया सम्मेलन में उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को सरकार की “आंख, कान और नाक” बताया। इस दौरान बेहतर काम करने वाली पंचायतों को करीब 9 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि भी दी गई।
पंचायत प्रतिनिधियों को दी बड़ी जिम्मेदारी: Hemant Soren
सीएम ने कहा कि
- पंचायत प्रतिनिधि ही सरकार और जनता के बीच सबसे मजबूत कड़ी हैं
- गांव मजबूत होंगे तो राज्य का विकास स्वतः होगा
- अधिकारी अब पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर समस्याओं का समाधान कर रहे हैं
बड़ी घोषणा: पंचायत भवन में ही बनेगा आधार कार्ड: Hemant Soren
ग्रामीणों के लिए राहत भरी घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा अब आधार कार्ड बनवाने के लिए शहर नहीं जाना पड़ेगाI पंचायत भवनों में ही इसकी व्यवस्था की जा रही हैI यह कदम खासतौर पर दूर-दराज गांवों के लोगों के लिए बड़ी सुविधा माना जा रहा है।
विकास के लिए दिए प्रैक्टिकल सुझाव: Hemant Soren
सीएम ने जमीनी स्तर पर काम करने के लिए आसान उपाय भी बताए
जल संरक्षण
- सूखते चापानल की समस्या से निपटने के लिए तालाबों का गहरीकरण
- चापानल के पास शॉकपिट बनाने पर जोर
सौर ऊर्जा
- खाली जमीन पर सोलर पावर उत्पादन करें
- सरकार खुद बिजली खरीदेगी
उन्होंने कहा कि विकास के लिए “रॉकेट साइंस की जरूरत नहीं, इच्छाशक्ति जरूरी है।”
केंद्र और विपक्ष पर निशाना: Hemant Soren
राजनीतिक बयान देते हुए सीएम ने कहा:
- पहले की “डबल इंजन सरकार” में लोग राशन कार्ड लेकर भी परेशान थे
- अब राज्य में भूख से मौत की घटनाएं नहीं
- महंगाई के कारण मजदूरों का पलायन बढ़ रहा है
संवेदनशील सरकार का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार:
- अच्छे काम करने वालों को प्रोत्साहित करती है
- पंचायत स्तर तक योजनाओं का नेटवर्क मजबूत कर रही है
- संताल क्षेत्र में लिफ्ट इरिगेशन जैसी योजनाएं लागू की जा रही हैं
क्या हैं बड़े संकेत?
- सरकार का फोकस ग्रामीण विकास और विकेंद्रीकरण पर
- पंचायतों को ज्यादा अधिकार और जिम्मेदारी
- गांव-स्तर पर सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने की रणनीति
