झारखंड पुलिस मुख्यालय बना रही है संगठित आपराधिक गिरोहों के खिलाफ SIT, DSP, इंस्पेक्टर और दरोगा रैंक के अधिकारी होंगे शामिल
Ranchi: झारखंड में संगठित अपराध, रंगदारी और गैंग गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए झारखंड पुलिस मुख्यालय विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की तैयारी में है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, इस टीम का उद्देश्य राज्य के विभिन्न जिलों में सक्रिय संगठित आपराधिक गिरोहों के खिलाफ समन्वित कार्रवाई करना होगा।
बताया गया है कि यह पहल पुलिस महानिदेशक (DGP) के निर्देश पर की जा रही है।
अनुभवी अधिकारियों को मिलेगी जिम्मेदारी
प्रस्तावित SIT में DSP, इंस्पेक्टर और दरोगा (सब-इंस्पेक्टर) स्तर के अनुभवी अधिकारियों को शामिल किया जाएगा।
पुलिस के अनुसार, टीम केवल आपराधिक मामलों की जांच तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गिरोहों के पूरे नेटवर्क, आर्थिक स्रोत (फंडिंग), सहयोगियों और अन्य कथित मददगारों की भी जांच करेगी तथा कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी।
कई गैंग पुलिस के रडार पर
पुलिस के अनुसार, हाल के दिनों में व्यापारियों, कोयला कारोबारियों और ठेकेदारों से रंगदारी मांगने की घटनाओं की शिकायतें सामने आई हैं। इसी क्रम में प्रिंस खान, राहुल दुबे और राहुल सिंह के नाम से जुड़े आपराधिक गिरोहों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
पुलिस का कहना है कि इन गिरोहों से जुड़े लोगों पर रंगदारी, फायरिंग और अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप हैं। इन मामलों की जांच और कार्रवाई कानून के प्रावधानों के तहत की जाएगी।
जिला पुलिस के साथ मिलकर चलेगा अभियान
प्रस्तावित SIT रांची, धनबाद, बोकारो, जमशेदपुर और हजारीबाग समेत अन्य जिलों की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई करेगी।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आधुनिक तकनीक, खुफिया तंत्र और डिजिटल निगरानी का उपयोग किया जाएगा।
नेटवर्क और सहयोगियों पर भी होगी कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यदि किसी व्यक्ति की आपराधिक गिरोहों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष सहायता देने में भूमिका सामने आती है, तो उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसके विरुद्ध भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस मुख्यालय का उद्देश्य संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और राज्य में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाना है।
