बराकर नदी में विसर्जित हुईं सुदिव्य सोनू की अस्थियां, बेटे श्रेयस ने दी अंतिम विदाई

दिवंगत सुदिव्य सोनू की अस्थियां बराकर नदी में विसर्जित, बेटे श्रेयस ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई

दिवंगत सुदिव्य सोनू की अस्थियां बराकर नदी में विसर्जित, बेटे श्रेयस ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई

Giridih: झारखंड सरकार के दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू की अस्थियों का सोमवार को बराकर नदी में विधि-विधान के साथ विसर्जन किया गया। इस दौरान परिवार के सदस्यों, करीबी लोगों और समर्थकों की आंखें नम रहीं। बेटे श्रेयस ने अपने पिता की अस्थियों को बराकर नदी में प्रवाहित कर उन्हें अंतिम विदाई दी।

पिता की अस्थियां प्रवाहित करते भावुक हुए श्रेयस

अस्थि विसर्जन के दौरान माहौल बेहद भावुक रहा। जब श्रेयस ने अपने पिता की अस्थियों को बराकर नदी में प्रवाहित किया तो वह भावुक नजर आए।

पिता को अंतिम विदाई देने का यह पल वहां मौजूद परिजनों और समर्थकों के लिए भी बेहद मार्मिक रहा। परिजनों और करीबियों ने श्रेयस को संभाला और उन्हें ढांढस बंधाया।

बराकर नदी के तट पर जुटे परिजन और समर्थक

अस्थि विसर्जन की रस्म में परिवार के सदस्यों के साथ सुदिव्य सोनू के करीबी और समर्थक भी मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

बराकर नदी के तट पर अस्थि विसर्जन के दौरान पूरे समय गमगीन माहौल बना रहा।

असमय निधन से परिवार और समर्थकों में शोक

सुदिव्य कुमार सोनू के असमय निधन से उनके परिवार के साथ-साथ समर्थकों और राजनीतिक सहयोगियों में भी शोक है। उनके निधन के बाद गिरिडीह समेत झारखंड के अलग-अलग हिस्सों से लोगों ने शोक संवेदना व्यक्त की।

राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण सुदिव्य सोनू से बड़ी संख्या में लोग जुड़े हुए थे।

धार्मिक विधि-विधान से पूरी हुई रस्म

परिवार की ओर से अंतिम संस्कार से जुड़ी धार्मिक परंपराओं को पूरा करने के बाद सुदिव्य सोनू की अस्थियों को बराकर नदी में विसर्जित किया गया।

इस दौरान परिजनों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। समर्थकों और करीबियों ने भी दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।

राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में छोड़ी पहचान

सुदिव्य कुमार सोनू की राजनीतिक और सामाजिक सक्रियता के कारण झारखंड में उनकी अलग पहचान बनी थी। उनके निधन के बाद राजनीतिक गलियारों के साथ आम लोगों के बीच भी शोक की प्रतिक्रिया देखने को मिली।

उनके समर्थक और करीबी लगातार उन्हें याद कर रहे हैं और उनके साथ बिताए समय की यादें साझा कर रहे हैं।

नम आंखों से दी अंतिम विदाई

बराकर नदी के तट पर जब बेटे श्रेयस ने पिता की अस्थियों को प्रवाहित किया, तो माहौल भावुक हो गया। पिता को अंतिम विदाई देने का यह परिवार के लिए बेहद कठिन क्षण रहा।

परिजनों, करीबियों और समर्थकों ने नम आंखों से सुदिव्य कुमार सोनू को अंतिम विदाई दी और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

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