छात्रों पर दर्ज केस को लेकर BJP का सरकार पर हमला, 8 सितंबर से जिला मुख्यालयों पर आंदोलन
Ranchi: छात्रों पर दर्ज मुकदमों को लेकर झारखंड में राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री आदित्य साहू ने छात्रों पर दर्ज केस को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए इसे वापस लेने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस के माध्यम से कार्रवाई की जा रही है।
आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड अलग राज्य बनने के बाद से झामुमो-कांग्रेस की सरकारों ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने नौकरियों में अनियमितता और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
छात्रों के आंदोलन को लेकर सरकार पर निशाना
भाजपा नेता ने कहा कि दिल्ली में कांग्रेस के इशारे पर छात्रों द्वारा आंदोलन किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित तौर पर अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया। वहीं, रांची में छात्रों ने बिना किसी राजनीतिक दल के समर्थन के आंदोलन किया और नौकरी से जुड़े मामलों को लेकर सवाल उठाए।
आदित्य साहू का आरोप है कि रांची में आंदोलन करने वाले छात्रों पर अब मुकदमे दर्ज कर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य के कुछ कोचिंग संस्थानों के संचालकों को डराने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जब राज्य के अलग-अलग हिस्सों में छात्र आंदोलन कर रहे थे, तब झामुमो नेताओं और कार्यकर्ताओं पर छात्रों के साथ मारपीट के आरोप लगे थे। ऐसे में छात्रों पर केस दर्ज किए जाने के बावजूद कथित मारपीट के मामलों में कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठता है।
भाजपा नेता द्वारा लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मुख्य सचिव से मुलाकात का किया जिक्र
आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा शुरू से ही छात्रों पर दर्ज मुकदमों का विरोध कर रही है। उनके मुताबिक, करीब 48 घंटे पहले भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव से मुलाकात कर छात्रों पर दर्ज केस वापस लेने की मांग की थी।
उन्होंने दावा किया कि इसके बाद झामुमो और कांग्रेस के नेता भी मुख्य सचिव से मिले और छात्रों पर कार्रवाई की मांग की।
आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड के छात्र पढ़-लिखकर राज्य और देश का नाम रोशन करेंगे। वे देश का भविष्य हैं, इसलिए उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि छात्रों के परिवार और गांव के लोग भी आंदोलन में शामिल होकर सड़क पर उतरते हैं तो स्थिति को संभालना मुश्किल हो सकता है।
8 सितंबर से जिला मुख्यालयों पर आंदोलन
भाजपा ने छात्रों पर दर्ज मुकदमों को तत्काल वापस लेने की मांग की है। पार्टी ने इसके लिए आंदोलन का ऐलान भी कर दिया है।
आदित्य साहू के अनुसार, 8 सितंबर से राज्य के अलग-अलग जिलों में DC और SP कार्यालयों का घेराव कर प्रदर्शन किया जाएगा।
किस जिले में कब होगा आंदोलन?
8 सितंबर:
रांची, दुमका, गिरिडीह और गढ़वा
9 सितंबर:
कोडरमा, साहिबगंज, पलामू और चाईबासा
10 सितंबर:
सरायकेला-खरसावां, पाकुड़, धनबाद, गुमला, लातेहार और चतरा
11 सितंबर:
जामताड़ा और खूंटी
भाजपा ने कहा है कि यदि छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
इस घोषणा के बाद छात्रों पर दर्ज मुकदमों का मुद्दा झारखंड की राजनीति में और गर्म होने की संभावना है।
