झारखंड विधानसभा मानसून सत्र: 7 अगस्त को पेश होगा प्रथम अनुपूरक बजट, विभागों से 28 जुलाई तक मांगे गए प्रस्ताव
Ranchi: झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के विकास कार्यों और प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रथम अनुपूरक बजट की तैयारी तेज कर दी है। सरकार आगामी 7 अगस्त को झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान पहला अनुपूरक बजट पेश करेगी। इसके लिए वित्त विभाग ने सभी विभागों से निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा है।
सभी विभागों को जारी किया गया निर्देश
वित्त विभाग ने अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव एवं विभागाध्यक्षों को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने विभागों की अनुपूरक व्यय विवरणी से संबंधित प्रस्ताव समय पर उपलब्ध कराएं, ताकि बजट प्रक्रिया निर्धारित समय के अनुसार पूरी की जा सके।
28 जुलाई तक भेजने होंगे प्रस्ताव
वित्त विभाग के निर्देश के अनुसार सभी विभागों को 28 जुलाई, शाम 5 बजे तक अनुपूरक बजट से जुड़े प्रस्ताव भेजने होंगे। विभागों को समयसीमा का पालन करने के लिए कहा गया है।
केंद्र प्रायोजित योजनाओं को प्राथमिकता
विभाग ने स्पष्ट किया है कि केंद्र प्रायोजित योजनाओं और केंद्रीय सेक्टर योजनाओं से जुड़े प्रस्तावों को प्राथमिकता दी जाएगी। यदि किसी योजना में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी में बदलाव हुआ है या बजटीय प्रावधान शेष है, तो उससे संबंधित संशोधित प्रस्ताव भी भेजे जा सकते हैं।
टॉप-अप और बजटीय त्रुटियों में सुधार का अवसर
यदि राज्य सरकार किसी केंद्रीय योजना में अपने संसाधनों से अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराना चाहती है, तो उसे टॉप-अप प्रावधान के रूप में अनुपूरक बजट में शामिल किया जा सकेगा।
इसके अलावा, वित्तीय वर्ष 2026-27 के मुख्य बजट में यदि किसी प्रकार की त्रुटि रह गई है, तो संबंधित विभाग उसके सुधार के लिए भी प्रस्ताव भेज सकते हैं।
योजना विभाग की सहमति होगी आवश्यक
राज्य योजना एवं केंद्र प्रायोजित योजनाओं से जुड़े प्रस्तावों पर योजना एवं विकास विभाग की सहमति के बाद ही विचार किया जाएगा। इसलिए संबंधित विभागों को आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
टोकन राशि और आकस्मिक जरूरतों का भी प्रावधान
जिन विभागीय इकाइयों में पहले से बजटीय प्रावधान उपलब्ध नहीं है, वहां टोकन राशि के रूप में ₹1,000 की मांग की जा सकेगी। इसके बाद आवश्यक राशि का प्रावधान पुनर्विनियोग के माध्यम से किया जाएगा।
वित्त विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी आकस्मिक या आपात आवश्यकता से जुड़े प्रस्तावों को भी अनुपूरक बजट में शामिल किया जा सकता है।
मंत्री की स्वीकृति के बाद ही भेजे जाएंगे प्रस्ताव
सभी विभागों को निर्देश दिया गया है कि अनुपूरक बजट से संबंधित प्रस्तावों को ऑनलाइन अपलोड करने से पहले संबंधित विभागीय मंत्री की स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें। साथ ही प्रस्तावों से संबंधित संपूर्ण फाइल समय पर वित्त विभाग को उपलब्ध कराई जाए।
सरकार का लक्ष्य है कि 7 अगस्त को विधानसभा में प्रथम अनुपूरक बजट निर्धारित समय पर पेश किया जाए और पूरी प्रक्रिया बिना किसी बाधा के संपन्न हो।
