झारखंड के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, सरकार ने दी 970 करोड़ की सब्सिडी

मुख्यमंत्री ऊर्जा खुशहाली योजना से लाखों उपभोक्ताओं का पुराना बिजली बिल माफ

झारखंड के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, सरकार ने दी 970 करोड़ की सब्सिडी

Ranchi: झारखंड के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार की सब्सिडी और मुख्यमंत्री ऊर्जा खुशहाली योजना के तहत लाखों उपभोक्ताओं के पुराने बिजली बिल और उस पर लगने वाले भारी-भरकम जुर्माने को माफ कर दिया गया है। साथ ही बिजली वितरण कंपनी के वित्तीय खातों से जुड़ी अहम जानकारी भी ऑडिट रिपोर्ट में सामने आई है।

1083 करोड़ की सब्सिडी बुक, 970 करोड़ जारी

ताजा वित्तीय रिपोर्ट के मुताबिक चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बिजली वितरण कंपनी ने उपभोक्ताओं को कुल 1,083.07 करोड़ रुपये की सब्सिडी का लाभ दिया।

इसके एवज में राज्य सरकार की ओर से अब तक 970.31 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। यह सब्सिडी उपभोक्ताओं के मासिक बिजली बिल में सीधे कटौती के रूप में दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ऊर्जा खुशहाली योजना से बड़ी राहत

राज्य सरकार पहले ही घरेलू उपभोक्ताओं के लिए मुफ्त बिजली की सीमा 125 यूनिट से बढ़ाकर 200 यूनिट प्रति माह कर चुकी है। इसके अलावा पुराने बकाए और लेट फाइन (DPS) से परेशान उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए “मुख्यमंत्री ऊर्जा खुशहाली योजना” लागू की गई।

इस योजना के तहत अगस्त 2024 तक के करीब 3,620.09 करोड़ रुपये के पुराने बकाए को माफ करने का फैसला लिया गया था।

रिपोर्ट के अनुसार 31 मार्च 2025 तक कुल 3,580.33 करोड़ रुपये का बकाया उपभोक्ताओं के खातों से एडजस्ट कर माफ किया जा चुका है।

सरकार इस घाटे की भरपाई दो चरणों में कर रही है। अब तक 2,715.09 करोड़ रुपये बिजली कंपनी को मिल चुके हैं, जबकि बाकी 865.24 करोड़ रुपये जल्द जारी किए जाने हैं।

प्रीपेड स्मार्ट मीटर से भी उपभोक्ताओं को फायदा

रांची और धनबाद में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने के बाद उपभोक्ताओं की पुरानी सिक्योरिटी राशि को भी बकाया बिलों के साथ एडजस्ट किया गया है।

इस तरह कुल 12,533 उपभोक्ताओं को राहत मिली है और उनके पुराने बकाए में कमी आई है।

सुरक्षा राशि पर मिला ब्याज

बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं की जमा सुरक्षा राशि पर इस तिमाही में 38.83 करोड़ रुपये ब्याज के रूप में दर्ज किया है।

टैक्स विवाद और स्टोर सामग्री पर भी खुलासा

ऑडिट रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि बिजली कंपनी का आयकर विभाग के साथ टैक्स और पेनाल्टी को लेकर विवाद चल रहा है। कंपनी ने इस मामले में अपील दायर की है।

वहीं ट्रांसफॉर्मर, तार, खंभे और मीटर जैसी सामग्री को कंपनी ने बिजली आपूर्ति और मरम्मत कार्यों के लिए सुरक्षित रखा है, जिनका मूल्यांकन लागत मूल्य के आधार पर किया गया है।

राज्य सरकार की इन योजनाओं और सब्सिडी के चलते लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है

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