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JMM को 14 महीने में 4 बड़े झटके, शिबू सोरेन-रामदास सोरेन-सुदिव्य सोनू के बाद रूपी सोरेन का निधन

शिबू सोरेन से रूपी सोरेन तक, 14 महीनों में JMM और सोरेन परिवार पर चार बड़े आघात

JMM को 14 महीने में चार बड़े सदमे, शिबू-रामदास-सुदिव्य के बाद रूपी सोरेन का निधन

Ranchi: झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और सोरेन परिवार के लिए पिछले करीब 14 महीने बेहद कठिन रहे हैं। इस अवधि में पार्टी और उससे जुड़े राजनीतिक परिवार ने कई महत्वपूर्ण चेहरों को खोया। झामुमो के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन, वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री रामदास सोरेन, मंत्री और गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद अब रूपी सोरेन के निधन से सोरेन परिवार को एक और बड़ा व्यक्तिगत आघात लगा है।

रूपी सोरेन का 7 अक्टूबर 2026 की शाम रांची के एक निजी अस्पताल में निधन हुआ। वह झामुमो संस्थापक शिबू सोरेन की पत्नी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां थीं।

4 अगस्त 2025: शिबू सोरेन का निधन

झामुमो के लिए इस सिलसिले का पहला बड़ा झटका 4 अगस्त 2025 को लगा, जब पार्टी के संस्थापक और झारखंड आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल शिबू सोरेन का निधन हुआ।

शिबू सोरेन लंबे समय तक झारखंड की राजनीति में प्रमुख भूमिका में रहे और तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री भी बने। उनके निधन के बाद झामुमो ने अपने संस्थापक और आंदोलन की राजनीतिक विरासत के प्रमुख चेहरे को खो दिया।

11 दिन बाद रामदास सोरेन का निधन

शिबू सोरेन के निधन के महज 11 दिन बाद, 15 अगस्त 2025 को झामुमो के वरिष्ठ नेता और तत्कालीन मंत्री रामदास सोरेन का दिल्ली में इलाज के दौरान निधन हो गया।

रामदास सोरेन 2 अगस्त को गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल हुए थे और बेहतर इलाज के लिए उन्हें दिल्ली ले जाया गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

उनके निधन के बाद घाटशिला विधानसभा सीट पर उपचुनाव भी कराना पड़ा।

6 सितंबर 2026: सुदिव्य कुमार सोनू का निधन

करीब एक साल बाद झामुमो को एक और बड़ा झटका लगा। 6 सितंबर 2026 को पार्टी के वरिष्ठ नेता, गिरिडीह विधायक और झारखंड सरकार में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का निधन हो गया।

56 वर्षीय सुदिव्य कुमार सोनू की मौत कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई। वह उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, नगर विकास एवं आवास, पर्यटन, कला-संस्कृति तथा खेलकूद एवं युवा कार्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

उनके निधन को झामुमो और राज्य की राजनीति में बड़ा नुकसान माना गया। सोनू मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी नेताओं में भी शामिल थे।

7 अक्टूबर 2026: रूपी सोरेन का निधन

इन घटनाओं के बाद अब 7 अक्टूबर 2026 को रूपी सोरेन के निधन ने सोरेन परिवार को गहरे शोक में डाल दिया।

रूपी सोरेन लंबे समय से बीमार थीं और 18 सितंबर से रांची के हिल व्यू अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। बुधवार को उनकी स्थिति गंभीर होने के बाद उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। शाम करीब 8:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

रूपी सोरेन, शिबू सोरेन के साथ उनके लंबे राजनीतिक और सामाजिक संघर्ष के दौर की महत्वपूर्ण पारिवारिक आधार थीं। उनके निधन से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पूरे सोरेन परिवार के साथ झामुमो के समर्थकों में शोक की लहर है।

14 महीने में चार बड़ी क्षतियां

अगर इन घटनाओं को एक साथ देखें तो अगस्त 2025 से अक्टूबर 2026 के बीच झामुमो और सोरेन परिवार ने चार बड़ी क्षतियां झेली हैं—शिबू सोरेन, रामदास सोरेन, सुदिव्य कुमार सोनू और अब रूपी सोरेन।

इनमें पहले तीन राजनीतिक चेहरे थे, जबकि रूपी सोरेन का निधन सोरेन परिवार के लिए एक गहरी व्यक्तिगत क्षति है। रूपी सोरेन के निधन के साथ ही शिबू सोरेन के निधन के करीब 14 महीने बाद परिवार को एक और बड़ा व्यक्तिगत आघात लगा है।

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