झारखंड में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना हुआ आसान, 264 प्रखंडों के शिविरों में बने 19,756 लर्निंग लाइसेंस
अब प्रखंड स्तर के कैंपों में ही होगा स्थायी लाइसेंस का ड्राइविंग टेस्ट, जिला मुख्यालय के चक्कर से मिलेगी राहत
Ranchi: झारखंड सरकार ने ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर राज्यभर के 264 प्रखंडों में लगाए गए विशेष शिविरों के माध्यम से अब तक 19,756 लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं। परिवहन विभाग के अनुसार, पहली बार इतने बड़े स्तर पर प्रखंडों में कैंप लगाकर लाइसेंस बनाने की पहल की गई है।
ग्रामीण युवाओं को मिला बड़ा लाभ
राज्य के ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को पहले ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए जिला मुख्यालय तक जाना पड़ता था। इससे समय और पैसे दोनों की परेशानी होती थी। अब प्रखंड स्तर पर आयोजित शिविरों के कारण हजारों युवाओं को अपने क्षेत्र में ही लर्निंग लाइसेंस बनवाने की सुविधा मिली है।
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इन शिविरों में 28,813 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 19,756 लर्निंग लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं।
अब कैंपों में ही बनेगा स्थायी लाइसेंस
सरकार ने स्थायी (Permanent) ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को भी आसान बनाने का निर्णय लिया है। अब लर्निंग लाइसेंस जारी होने के एक महीने बाद अभ्यर्थियों को जिला परिवहन कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा।
प्रखंड स्तर पर लगाए गए इन्हीं शिविरों में ड्राइविंग टेस्ट (ट्रायल) आयोजित किया जाएगा। टेस्ट में सफल होने के बाद जिला परिवहन पदाधिकारी के माध्यम से स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाएगा।
इन जिलों में सबसे अधिक बने लाइसेंस
परिवहन विभाग के अनुसार, कुछ जिलों में शिविरों के माध्यम से बड़ी संख्या में लर्निंग लाइसेंस जारी किए गए हैं।
- जमशेदपुर: 8 कैंप, 1,768 लाइसेंस
- गुमला: 14 कैंप, 1,704 लाइसेंस
- गिरिडीह: 17 कैंप, 1,627 लाइसेंस
- सरायकेला-खरसावां: 17 कैंप, 1,615 लाइसेंस
- दुमका: 18 कैंप, 1,528 लाइसेंस
- जामताड़ा: 14 कैंप, 1,447 लाइसेंस
- देवघर: 18 कैंप, 1,240 लाइसेंस
- पलामू: 9 कैंप, 1,220 लाइसेंस
परिवहन विभाग ने क्या कहा?
परिवहन विभाग के सचिव राजीव रंजन के अनुसार, मुख्यमंत्री के निर्देश पर राजधानी रांची समेत राज्यभर के प्रखंडों में विशेष शिविर आयोजित कर लोगों को लर्निंग और ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों को लर्निंग लाइसेंस जारी किया गया है, उनके लिए निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद स्थायी लाइसेंस की प्रक्रिया भी इन्हीं शिविरों के माध्यम से शुरू की जाएगी।
सरकार का उद्देश्य ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और लोगों के लिए सुलभ बनाना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।
