रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का आज पांचवां दिन है और राज्य की राजनीति के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण दिन है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार आज Jharkhand Budget का वार्षिक बजट सदन पटल पर रखेगी। सूत्रों और आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार बजट का आकार पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 12% बढ़कर ₹1.62 लाख करोड़ तक पहुँच सकता है।
पिछले बजट से तुलना: एक बड़ी छलांग: Jharkhand Budget
पिछले वित्तीय वर्ष (2025-26) में सरकार ने ₹1.45 लाख करोड़ का बजट पेश किया था, जिसे ‘अबुआ बजट’ का नाम दिया गया था। उस दौरान वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने जनकल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित किया था। इस साल बजट के बढ़ते दायरे से यह साफ है कि सरकार राज्य में बड़े निवेश और सामाजिक सुरक्षा के दायरे को विस्तार देने के मूड में है।
इन 5 क्षेत्रों पर रहेगा विशेष फोकस: Jharkhand Budget
इस बार के बजट में ‘झारखंडी अस्मिता’ और ‘विकास’ का समावेश देखने को मिल सकता है। मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों के लिए बड़ी घोषणाएं होने की उम्मीद है:
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महिला सशक्तिकरण: मंईयां सम्मान योजना जैसी योजनाओं के लिए अतिरिक्त फंड का प्रावधान।
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शिक्षा और युवा: नए स्कूलों के निर्माण और युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसरों में वृद्धि।
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ग्रामीण विकास: सड़कें, बिजली और सिंचाई सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर जोर।
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स्वास्थ्य सेवा: रिम्स (RIMS) के सुदृढ़ीकरण और जिला अस्पतालों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार।
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सामाजिक सुरक्षा: पेंशन योजनाओं और गरीबों के लिए आवास (अबुआ आवास) के बजट में बढ़ोतरी।
आर्थिक चुनौतियां और उम्मीदें
झारखंड जैसे राज्य के लिए इतने बड़े बजट को धरातल पर उतारना एक चुनौती भी है। राजस्व संग्रह बढ़ाने और केंद्र से मिलने वाली राशि के साथ तालमेल बिठाना सरकार के लिए प्राथमिकता होगी। राज्य के वित्त विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार ₹1.62 लाख करोड़ के इस लक्ष्य को सही ढंग से लागू करती है, तो यह राज्य की जीडीपी (GSDP) को नई गति दे सकता है। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही वित्त मंत्री बजट भाषण पढ़ेंगे, जिसमें कृषि ऋण माफी के अगले चरण और नई रोजगार नीतियों पर सभी की निगाहें टिकी होंगी।
