Bihar Politics: लालू यादव पहुंचे सिंगापुर, रूटीन हेल्थ चेकअप के साथ पारिवारिक कलह पर टिकीं नजरें

Bihar Politics: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव एक बार फिर सिंगापुर के लिए रवाना हो गए हैं। चारा घोटाले में जमानत पर चल रहे लालू यादव को हाल ही में सीबीआई की विशेष अदालत से पासपोर्ट रिलीज करने की अनुमति मिली थी। बताया जा रहा है कि वे वहां अपने नियमित हेल्थ चेकअप के लिए गए हैं। सिंगापुर में लालू यादव अपनी बेटी रोहिणी आचार्या के घर पर रुकेंगे, जिन्होंने साल 2022 में उन्हें अपनी एक किडनी डोनेट की थी।

पोते की बर्थडे पार्टी से गायब थीं रोहिणी, भाई तेजस्वी से नाराजगी की चर्चा तेज: Bihar Politics

लालू यादव के सिंगापुर दौरे के बीच बिहार के सियासी गलियारों में पारिवारिक कलह की चर्चाएं भी जोरों पर हैं। दो दिन पहले, 27 मई को दिल्ली से सटे गाजियाबाद में तेजस्वी यादव के बेटे और लालू के पोते इराज का पहला जन्मदिन बेहद भव्य तरीके से मनाया गया था।

इस पार्टी में लालू परिवार के लगभग सभी सदस्य जुटे थे। यहां तक कि पिछले साल परिवार से कुछ दूर चल रहे तेज प्रताप यादव भी अपने भतीजे को आशीर्वाद देने पहुंचे थे। लेकिन इस पूरे जश्न से इराज की बुआ रोहिणी आचार्या गायब रहीं। रोहिणी की इस गैरमौजूदगी ने इन कयासों को हवा दे दी है कि भाई तेजस्वी यादव के साथ उनका विवाद अभी थमा नहीं है।

राबड़ी आवास में हुआ था ‘हाई वोल्टेज ड्रामा’: Bihar Politics

पिछले बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी की करारी हार के बाद पटना स्थित राबड़ी आवास में भारी घमासान हुआ था। खबरों के मुताबिक, रोहिणी आचार्या पटना आवास से रोते हुए निकली थीं और सीधे सिंगापुर चली गई थीं।

रोहिणी ने उस दौरान तेजस्वी यादव के बेहद करीबी संजय यादव और रमीज पर बेहद गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से दर्द बयां करते हुए कहा था कि राबड़ी आवास के भीतर उनके साथ अभद्रता की गई, गाली-गलौज कर उन्हें बदनाम करने की कोशिश हुई और यहां तक कि उन पर चप्पल भी चलाई गई। इस विवाद के बाद से रोहिणी आचार्या आज तक अपने मायके वापस नहीं लौटी हैं।

‘गलत का हमेशा विरोध करूंगी’: Bihar Politics

सिंगापुर में अपने पिता का स्वागत करने के बीच रोहिणी आचार्या ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर अपनी सियासी स्थिति भी साफ कर दी। उन्होंने उन सभी खबरों और अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि वे आरजेडी के टिकट पर एमएलसी (MLC) का चुनाव लड़ सकती हैं।

रोहिणी ने दोटूक शब्दों में लिखा कि उन्हें किसी तरह का कोई राजनीतिक लालच नहीं है। वे हमेशा सीधी बात करती हैं और जो गलत है, उसका विरोध आगे भी करती रहेंगी। अब देखना यह होगा कि पिता लालू प्रसाद यादव के सिंगापुर पहुंचने के बाद क्या वे अपनी लाडली बेटी की नाराजगी दूर कर पाते हैं या लालू परिवार की यह अंदरूनी कलह आरजेडी के सियासी भविष्य पर कोई नया असर डालेगी।

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