झारखंड में 5 हजार CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बनाने की तैयारी, हेमंत सोरेन ने दिए निर्देश”

शिक्षा व्यवस्था सुधारने पर सरकार का फोकस, शिक्षक नियुक्ति तेज करने का आदेश”

“शिक्षा व्यवस्था सुधारने पर सरकार का फोकस, 5 हजार CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बनाने की तैयारी”

रांची | 26 मई 2026

हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी योजनाओं और शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाए।

5 हजार CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बनाने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य में CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की संख्या बढ़ाकर 5 हजार करने की योजना पर तेजी से काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि हर पंचायत तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि अगले 6 से 8 महीनों के भीतर यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी सरकारी स्कूल सिंगल टीचर के भरोसे न चले।

शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने का निर्देश

बैठक में मुख्यमंत्री ने शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों को जल्द भरना सरकार की प्राथमिकता है और नव नियुक्त शिक्षकों के वेतन व सत्यापन प्रक्रिया को भी समय पर पूरा किया जाए।

ड्रॉप आउट मामलों में सुधार

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या में लगातार कमी आई है और इस मामले में झारखंड राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।

श्रम विभाग के साथ समन्वय कर मजदूरी या अन्य कार्यों में लगे बच्चों की पहचान कर उन्हें दोबारा स्कूलों से जोड़ने का अभियान चलाया जा रहा है।

इंटरनेट और ICT लैब पर जोर

मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी स्कूलों में इंटरनेट सुविधा और ICT लैब को दुरुस्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा संसाधनों तक बच्चों की पहुंच सुनिश्चित करना जरूरी है।

खेल गतिविधियों को बढ़ावा

हेमंत सोरेन ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाए। बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को चिन्हित कर उन्हें आगे बढ़ाने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय की तैयारी

बैठक में प्रस्तावित “दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय” की स्थापना को लेकर भी प्रस्तुति दी गई। यह विद्यालय शहीद पुलिसकर्मियों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देने के उद्देश्य से बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने एक सप्ताह के भीतर इस परियोजना की DPR प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

निष्कर्ष

झारखंड सरकार की इस समीक्षा बैठक से साफ संकेत मिला है कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, ड्रॉप आउट कम करने और सरकारी स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

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