झारखंड में निवेश पर BJP का हमला: ‘सरकार जनता को गुमराह कर रही’, संदीप वर्मा ने कानून व्यवस्था और IT दावों पर उठाए सवाल

सिंगल विंडो सिस्टम और IT विकास पर भी उठाए सवाल।

झारखंड में निवेश और औद्योगिक विकास को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। गुरुवार को आयोजित प्रेसवार्ता में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता संदीप वर्मा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार निवेश और औद्योगिक विकास के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन पिछले सात वर्षों में राज्य में कोई बड़ा उद्योग स्थापित नहीं हो सका।

विदेश दौरे और निवेश कार्यक्रम पर सवाल

संदीप वर्मा ने कहा कि सरकार निवेश को लेकर लगातार दावे कर रही है, लेकिन पिछले विदेश दौरों से झारखंड को क्या वास्तविक लाभ मिला, इसका जवाब जनता चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के पैसे से विदेश यात्राएं की गईं, लेकिन धरातल पर बड़े निवेश का कोई ठोस परिणाम दिखाई नहीं देता।

उन्होंने दिल्ली में आयोजित निवेश कार्यक्रम को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि यह केवल सरकार की उपलब्धियों का प्रचार करने तक सीमित है।

वित्त मंत्री के बयान का भी किया जिक्र

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यदि राज्य के वित्त मंत्री को ही निवेश कार्यक्रम की पूरी जानकारी नहीं है, तो इससे सरकार की गंभीरता पर सवाल खड़े होते हैं। उनके अनुसार इससे सरकार की तैयारी और मंशा दोनों पर संदेह पैदा होता है।

कानून व्यवस्था सुधरे बिना निवेश संभव नहीं

संदीप वर्मा ने राज्य की कानून व्यवस्था पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जब विधायक और सांसद तक अपराधियों से धमकियां मिलने की बात कर रहे हैं, तो ऐसे माहौल में उद्योगपति निवेश करने से हिचकेंगे। उन्होंने सरकार से पहले कानून-व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।

सिंगल विंडो और IT दावों पर सवाल

भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सरकार सिंगल विंडो सिस्टम, आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल गवर्नेंस के बड़े दावे कर रही है, लेकिन यह भी स्पष्ट करे कि अब तक राज्य में कितने आईटी पार्क स्थापित किए गए हैं और इन योजनाओं का वास्तविक लाभ क्या मिला है।

केंद्र की योजनाओं पर भी टिप्पणी

संदीप वर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने स्टार्टअप और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की थीं, लेकिन वर्तमान सरकार उन्हें आगे बढ़ाने में सफल नहीं रही। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र प्रायोजित योजनाओं की राशि समय पर खर्च करने और उसका लाभ जनता तक पहुंचाने में राज्य सरकार विफल रही है।

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