दिल्ली से झारखंड के Vision 2050 की शुरुआत: AI हब, IT पार्क और डिजिटल गवर्नेंस पर बड़ा फोकस

2026-31, रांची IT पार्क और डिजिटल गवर्नेंस का रोडमैप पेश किया। जानिए निवेशकों के लिए क्या हैं नई सुविधाएं।

झारखंड ने डिजिटल और तकनीकी विकास की दिशा में एक नई शुरुआत करते हुए नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन का भव्य आगाज किया। इस कार्यक्रम के माध्यम से राज्य ने Vision 2050 के तहत खुद को देश के प्रमुख AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), आईटी और डिजिटल इनोवेशन केंद्र के रूप में स्थापित करने का रोडमैप पेश किया।

कार्यक्रम में झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ आधुनिक तकनीक और डिजिटल परिवर्तन का विजन प्रस्तुत किया गया। इसमें देश-विदेश की करीब 100 अग्रणी आईटी कंपनियों, नीति निर्माताओं, उद्योग प्रतिनिधियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया।

AI और डिजिटल गवर्नेंस पर मुख्यमंत्री का विजन

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में झारखंड का डिजिटल रोडमैप प्रस्तुत करते हुए कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य AI को केवल तकनीक तक सीमित रखना नहीं, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने का प्रमुख माध्यम बनाना है।

उन्होंने कहा कि Vision 2050 के तहत झारखंड को तकनीकी रूप से सशक्त, निवेश-अनुकूल और आधुनिक अर्थव्यवस्था वाले राज्य के रूप में विकसित किया जाएगा।

रांची IT पार्क बना निवेशकों का आकर्षण

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रांची आईटी पार्क का प्रस्तुतीकरण रहा। राजधानी के कोर कैपिटल एरिया में 100.97 एकड़ विवादमुक्त सरकारी भूमि पर प्रस्तावित यह आईटी पार्क रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यह परियोजना आईआईएम रांची और बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के निकट होने के कारण निवेशकों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने में सहायक होगी।

AI Policy 2026-31 का मसौदा पेश

कार्यक्रम में राज्य सरकार ने ड्राफ्ट AI पॉलिसी 2026-31 भी प्रस्तुत की। इसके प्रमुख प्रस्तावों में शामिल हैं—

निवेशकों के लिए आकर्षक प्रोत्साहन

झारखंड सरकार ने निवेशकों के लिए कई विशेष सुविधाओं की घोषणा की है—

9 जुलाई को होंगे अहम समझौते

दो दिवसीय इस कार्यक्रम के दौरान डिजिटल गवर्नेंस, पर्यटन, आईटी, निवेश और समावेशी विकास जैसे विषयों पर चर्चा होगी। 9 जुलाई को विभिन्न एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर और कई डिजिटल पोर्टलों का शुभारंभ प्रस्तावित है। इससे झारखंड में निवेश, रोजगार और तकनीकी विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

सरकार का मानना है कि यह पहल झारखंड को केवल खनिज संपदा वाले राज्य की पहचान से आगे बढ़ाकर डिजिटल इनोवेशन, AI और आधुनिक उद्योगों के केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।

Exit mobile version