झारखंड में मानसून सक्रिय, फिर भी औसत से 34% कम बारिश; गोड्डा-गढ़वा समेत कई जिलों में सूखे जैसे हालात

गोड्डा, गढ़वा और चतरा सबसे अधिक प्रभावित हैं, जबकि रांची और सिमडेगा में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है।

झारखंड में मानसून सक्रिय, फिर भी औसत से 34% कम बारिश; गोड्डा-गढ़वा समेत कई जिलों में सूखे जैसे हालात

Ranchi:

झारखंड में मानसून सक्रिय होने के बावजूद राज्य अब भी औसत से 34 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज कर रहा है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अब तक राज्य में 174.2 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य रूप से 265 मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए थी।

कम बारिश का सबसे ज्यादा असर खेती-किसानी पर पड़ रहा है। बुवाई का समय निकलता जा रहा है और पर्याप्त वर्षा नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।

राज्य में अब तक 34% कम बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, झारखंड के अधिकांश जिलों में सामान्य से काफी कम वर्षा हुई है। कई इलाकों में बादल तो छा रहे हैं, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेत सूखे पड़े हैं और खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही है।

सबसे कम बारिश वाले जिले

राज्य के कई जिलों में वर्षा की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है—

इन जिलों में भी सामान्य से काफी कम बारिश

रांची और सिमडेगा में अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति

कुछ जिलों में मानसून की स्थिति अन्य क्षेत्रों की तुलना में बेहतर बनी हुई है—

किसानों की बढ़ी चिंता

कम वर्षा के कारण खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही है। यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं होती है तो कृषि उत्पादन पर इसका असर पड़ सकता है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में राज्य के कई हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है, जिससे किसानों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

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