अयोध्या राम मंदिर चंदा विवाद पर जमशेदपुर में अनोखा प्रदर्शन, राम-सीता-हनुमान की झांकी के साथ राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर न्यायिक जांच, ED और आयकर विभाग को जांच में शामिल करने की मांग की गई।

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे और दानराशि में कथित अनियमितताओं की न्यायिक जांच की मांग को लेकर गुरुवार को जमशेदपुर में झारखंड युवा मोर्चा के नेतृत्व में अनोखा विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने रामायण आधारित झांकी के साथ शहर में मार्च निकाला और उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

रामायण की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र

विरोध मार्च में दिव्य रथ पर भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के स्वरूप में कलाकार शामिल हुए। वहीं हनुमान, सुग्रीव और अंगद की वेशभूषा में कलाकार एवं कार्यकर्ताओं ने पूरे जुलूस में लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

सड़कों पर गूंजे नारे

प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ता सड़क पर बैठकर प्रतीकात्मक विरोध जताते नजर आए। प्रदर्शनकारियों ने पोस्टर और बैनर लेकर नारे लगाए, जिनमें प्रमुख रूप से—

जैसे नारे शामिल रहे।

राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

पूर्व सांसद सुमन महतो और बबन राय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि यदि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे में अनियमितताओं के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग

ज्ञापन में मांग की गई कि पूरे मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय न्यायिक आयोग से कराई जाए। साथ ही जांच आयोग में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी शामिल करने की मांग की गई।

कई लोग रहे मौजूद

प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान कमलजीत गिल, मो. उस्मान खान, सविता दास, गंगा देवी, बलही महाली, सविता सिंह, सुनीता नाग, राहुल नाग, संतोष लकड़ा, संजीव द्विवेदी, हरभजन सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित रहे।

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