सरकारी पैसे का हिसाब नहीं दिया तो होगी कार्रवाई! बोकारो DC ने अधिकारियों को दिया अल्टीमेटम

बोकारो में लंबित AC-DC बिलों पर उपायुक्त अजय नाथ झा सख्त। DDO को 30 नवंबर तक हिसाब देने और कोषागार अधिकारियों को 15 दिसंबर तक जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश

बोकारो में लंबित AC-DC बिलों पर उपायुक्त सख्त, 30 नवंबर तक देना होगा सरकारी राशि का पूरा हिसाब

15 दिसंबर तक जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश, गड़बड़ी मिलने पर अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही

बोकारो: सरकारी राशि की निकासी के बाद खर्च का हिसाब देने में हो रही देरी पर बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने लंबित AC-DC बिलों के समायोजन को लेकर सभी संबंधित विभागों के निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों (DDO) को 30 नवंबर तक पूरा ब्योरा जमा करने का निर्देश दिया है। साथ ही बोकारो और तेनुघाट कोषागार के अधिकारियों को पुराने रिकॉर्ड की जांच कर 15 दिसंबर तक समेकित रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

समाहरणालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सरकारी राशि की निकासी के साथ उसके वास्तविक खर्च का प्रमाणिक हिसाब देना भी अनिवार्य है। किस कार्य के लिए कितनी राशि निकाली गई, उसमें से कितना खर्च हुआ और कितनी राशि शेष बची है, इसका पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध कराना होगा।

पुराने रिकॉर्ड का होगा मिलान, पूर्व अधिकारियों से भी मांगा जाएगा जवाब

उपायुक्त ने बोकारो एवं तेनुघाट कोषागार के पदाधिकारियों को पुराने अभिलेखों का मिलान कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। जिन मामलों में पूर्व में पदस्थापित अधिकारियों के कार्यकाल के दौरान राशि की निकासी हुई थी, उनमें संबंधित अधिकारियों से भी स्पष्टीकरण और जरूरी दस्तावेज मांगे जाएंगे।

इससे लंबित बिलों के समायोजन में हुई देरी और सरकारी राशि के खर्च से जुड़े रिकॉर्ड की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

जांच के लिए बनेगी विशेष टीम

मामले की विस्तृत जांच के लिए विशेष टीम गठित की जाएगी। दोनों कोषागार पदाधिकारियों को 15 दिसंबर तक जांच के बाद समेकित रिपोर्ट सौंपनी होगी।

उपायुक्त ने चेतावनी दी कि जांच में किसी तरह की लापरवाही या वित्तीय अनियमितता सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

भविष्य में अग्रिम राशि की निकासी पर भी सख्ती

बैठक में भविष्य में सरकारी राशि की अग्रिम निकासी को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि विशेष और अपरिहार्य परिस्थितियों में ही सक्षम स्तर से अनुमति मिलने के बाद अग्रिम राशि निकाली जा सकेगी।

प्रशासन का यह कदम लंबित AC-DC बिलों के समायोजन, सरकारी खर्च में पारदर्शिता और वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

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