निशा भगत की मौत पर बाबूलाल मरांडी ने उठाए सवाल, परिजनों से मिले; CBI जांच की मांग
गुमला: आदिवासी नेत्री निशा भगत की मौत के मामले में झारखंड की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी शनिवार को गुमला पहुंचे और निशा भगत के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि इस दुख की घड़ी में भाजपा उनके साथ खड़ी है और न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।
निशा भगत की मौत के बाद से ही पूरे राज्य में इस मामले को लेकर चर्चा हो रही है। बाबूलाल मरांडी ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग उठाई।
निशा भगत की मौत ने खड़े किए कई सवाल
परिजनों से मुलाकात के बाद बाबूलाल मरांडी ने कहा कि निशा भगत की मौत ने राज्य की व्यवस्था और कई गंभीर मुद्दों पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निशा भगत लगातार राज्य सरकार की कार्यशैली और कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठा रही थीं।
मरांडी के मुताबिक, धर्मांतरण और जमीन दलालों को संरक्षण दिए जाने जैसे मुद्दों पर निशा भगत लगातार अपनी नाराजगी जाहिर करती थीं और सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाती थीं।
CBI जांच से सामने आए सच्चाई: बाबूलाल मरांडी
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि निशा भगत जिन मुद्दों को उठा रही थीं, उन पर सरकार के अधिकारियों को गंभीरता से संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए थी।
उन्होंने कहा कि उनकी मौत के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है। इसी वजह से उन्होंने पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग की।
परिवार को न्याय दिलाने का दिया भरोसा
मीडिया से बातचीत में बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड ने अपनी एक ऐसी बेटी को खो दिया है, जो लगातार सरकार की कथित गलत गतिविधियों को उजागर करने का प्रयास कर रही थी।
उन्होंने निशा भगत के परिजनों को भरोसा दिलाया कि भाजपा संगठन इस कठिन समय में उनके साथ है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा।
फिलहाल निशा भगत की मौत के कारणों और उससे जुड़ी परिस्थितियों की जांच महत्वपूर्ण बनी हुई है। CBI जांच की मांग के बीच अब राज्य सरकार और पुलिस की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।
