हजारों युवाओं को मिली राहत! JSSC-CGL नियुक्तियां रद्द करने का फैसला हाईकोर्ट ने पलटा

JSSC-CGL नियुक्तियां रद्द करने के झारखंड सरकार के आदेश को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। सफल अभ्यर्थियों को राहत, CID जांच जारी रहेगी।

JSSC-CGL पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: नियुक्तियां रद्द करने का सरकार का आदेश खारिज, सफल अभ्यर्थियों को राहत

रांची: झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा और नियुक्तियों को लेकर चल रहे विवाद में सफल अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के उस फैसले को खारिज कर दिया है, जिसमें CGL परीक्षा की चयन प्रक्रिया और नियुक्तियों को रद्द करने का आदेश दिया गया था। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत के इस फैसले से हजारों सफल अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

हालांकि, परीक्षा में कथित गड़बड़ियों से जुड़े मामले की CID जांच जारी रहेगी। अदालत के विस्तृत आदेश का इंतजार किया जा रहा है, जिससे फैसले की पूरी कानूनी स्थिति और उसके प्रभाव स्पष्ट हो सकेंगे।

क्या था पूरा मामला?

दरअसल, राज्य सरकार ने CID जांच रिपोर्ट और अभ्यर्थियों के आंदोलन का हवाला देते हुए JSSC-CGL परीक्षा की पूरी प्रक्रिया और नियुक्तियों को रद्द करने का आदेश जारी किया था। सरकार के इस फैसले के खिलाफ सफल अभ्यर्थी आकाश गौरव और अन्य ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में दलील दी गई कि यदि जांच के दौरान संदिग्ध अभ्यर्थियों की पहचान की गई है, तो दोषी और निर्दोष उम्मीदवारों के बीच अंतर किया जा सकता है। कुछ लोगों की कथित गड़बड़ी के कारण पूरी चयन प्रक्रिया और सभी सफल अभ्यर्थियों को प्रभावित करना उचित नहीं है।

सरकार ने क्या दलील दी थी?

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से सीलबंद लिफाफे में जांच रिपोर्ट पेश की गई थी। सरकार ने परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों और व्यवस्था की विफलता का हवाला देते हुए चयन प्रक्रिया रद्द करने के फैसले का बचाव किया था।

वहीं, सुनवाई के दौरान अदालत की ओर से परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने के पुख्ता और आधिकारिक साक्ष्यों को लेकर सवाल उठाए जाने की बात भी सामने आई थी।

CID जांच रहेगी जारी

हाईकोर्ट ने सरकार के रद्दीकरण आदेश को खारिज करते हुए सफल अभ्यर्थियों को राहत दी है। हालांकि, इसका यह अर्थ नहीं है कि परीक्षा में कथित धांधली की जांच भी समाप्त हो गई है। CID इस मामले में अपनी जांच जारी रखेगी।

अब सभी की नजरें अदालत के विस्तृत आदेश पर टिकी हैं। विस्तृत आदेश सामने आने के बाद ही यह पूरी तरह स्पष्ट होगा कि चयन प्रक्रिया, नियुक्तियों और जांच को लेकर अदालत ने क्या-क्या निर्देश दिए हैं।

फिलहाल हाईकोर्ट के फैसले को JSSC-CGL के सफल अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है

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