झारखंड के 1.75 लाख सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा विशेष सैलरी पैकेज, यूनियन बैंक के साथ सरकार का MoU
रांची: झारखंड सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं और वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की उपस्थिति में बुधवार, 4 नवंबर 2026 को झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन), रांची में राज्य सरकार के वित्त विभाग और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते से राज्य के लगभग 1.75 लाख सरकारी कर्मचारियों को विशेष सैलरी पैकेज का लाभ मिलेगा।
इस पैकेज के तहत कर्मचारियों को दुर्घटना बीमा, दिव्यांगता की स्थिति में वित्तीय सहायता, आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाएं और रियायती दरों पर ऋण सहित कई प्रीमियम बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
दुर्घटना बीमा और स्वास्थ्य सुरक्षा सहित मिलेंगी सुविधाएं
समझौता ज्ञापन के तहत यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में सैलरी अकाउंट रखने वाले राज्य सरकार के कर्मचारियों को कई विशेष सुविधाएं मिलेंगी। इनमें आकस्मिक मृत्यु बीमा कवर, पूर्ण एवं आंशिक दिव्यांगता की स्थिति में वित्तीय सहायता, एयर एम्बुलेंस सहित आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाएं शामिल हैं।
इसके अलावा कर्मचारियों को रियायती दरों पर व्यक्तिगत ऋण, गृह ऋण और वाहन ऋण की सुविधा भी मिलेगी। निःशुल्क एटीएम कार्ड और डिजिटल बैंकिंग से जुड़ी अन्य सुविधाएं भी इस पैकेज का हिस्सा हैं।
आदिवासी और ग्रामीण समुदाय के वित्तीय सशक्तिकरण पर जोर
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने बैंकों से गरीब, वंचित और आदिवासी समुदाय के वित्तीय सशक्तिकरण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि झारखंड आदिवासी बहुल राज्य है। ऐसे में बैंकिंग क्षेत्र में आदिवासी समुदाय को विशेष प्राथमिकता और लाभ मिलना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि बैंकिंग सुविधाएं केवल सरकारी कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि राज्य के गरीब, पिछड़े, वंचित और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक भी पहुंचनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय की विशिष्ट सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उनके परिवारों की आर्थिक सुरक्षा और जीवन स्तर बेहतर बनाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
युवाओं और छोटे उद्यमियों को आसानी से मिले ऋण
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गरीब, जरूरतमंद और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं के माध्यम से युवा ऋण लेकर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने बैंकों से ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाने का आग्रह किया, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं, छोटे उद्यमियों और जरूरतमंद लोगों को आर्थिक गतिविधियां शुरू करने में मदद मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंकिंग व्यवस्था के प्रति आम लोगों का भरोसा मजबूत होना जरूरी है। बैंक ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराएं, जिनसे नागरिक आसानी से बैंकिंग प्रणाली से जुड़ सकें और उसका लाभ उठा सकें।
कर्मचारियों के हित में अच्छी पहल: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की इस पहल को राज्य सरकार के कर्मचारियों के हित में अच्छा कदम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि बैंक का सहयोग और व्यापक हो तथा यह पहल आने वाले समय में मजबूत साझेदारी के रूप में विकसित हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समझौते से लगभग 1.75 लाख सरकारी कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। उन्होंने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का आभार जताते हुए उम्मीद व्यक्त की कि बैंक भविष्य में राज्य के आम नागरिकों तक भी अपनी सेवाओं और सहयोग का विस्तार करेगा।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
इस अवसर पर मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, सचिव प्रशांत कुमार, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के जोनल हेड गुणा चन्द्र गामी, इकोसिस्टम हब हेड रंजीत सहित बैंक के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
