झारखंड के 600 CHO को ई-संजीवनी की ट्रेनिंग, मरीजों को बेहतर ऑनलाइन इलाज दिलाने पर जोर
झारखंड में ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा को बेहतर बनाने के लिए राज्यभर के करीब 600 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया। वेबिनार में मरीजों से संवाद, बीमारी की जानकारी जुटाने और डॉक्टरों से ऑनलाइन परामर्श की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया गया।
रांची: झारखंड में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा को और प्रभावी बनाने की पहल की जा रही है। इसी क्रम में सोमवार को राज्यभर के करीब 600 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) ऑनलाइन वेबिनार से जुड़े। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें मरीजों से बेहतर तरीके से बातचीत करने, बीमारी से जुड़ी जरूरी जानकारी जुटाने और ऑनलाइन डॉक्टर से परामर्श दिलाने की प्रक्रिया के बारे में बताया गया।
यह वेबिनार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) झारखंड के राज्य सीपीएचसी-एएएम सेल की ओर से इंटेलीहेल्थ के तकनीकी सहयोग से आयोजित किया गया। सत्र की शुरुआत राज्य नोडल अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार मिश्रा ने की।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर आने वाले हर मरीज को बेहतर सेवा देने पर जोर
डॉ. मुकेश कुमार मिश्रा ने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर आने वाले प्रत्येक मरीज को अच्छी स्वास्थ्य सेवा मिलनी चाहिए। इसके लिए ई-संजीवनी के माध्यम से होने वाले ऑनलाइन परामर्श की गुणवत्ता बनाए रखना जरूरी है।
वेबिनार के दौरान इंटेलीहेल्थ की टीम ने ई-संजीवनी प्लेटफॉर्म में जोड़ी गई नई सुविधाओं की जानकारी दी। साथ ही मरीज से बातचीत के दौरान जरूरी सावधानियों, बीमारी और पुराने इलाज से संबंधित जानकारी जुटाने तथा विवरण को सही तरीके से रिकॉर्ड में दर्ज करने की प्रक्रिया समझाई गई।
ई-संजीवनी के कंपोजिट स्कोर से परामर्श की गुणवत्ता का आकलन
रिम्स, रांची की डॉ. अर्पिता राय ने ई-संजीवनी के कंपोजिट स्कोर के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस स्कोर के जरिए ऑनलाइन परामर्श की गुणवत्ता का आकलन किया जाता है।
वहीं, डॉ. संजय कुमार ने लाइव डेमो के माध्यम से टेलीकंसल्टेशन के दौरान अपनाए जाने वाले बेहतर तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि परामर्श के दौरान किन आम गलतियों से बचना चाहिए।
सवाल-जवाब के सत्र में CHO ने रखीं समस्याएं
वेबिनार के अंत में सवाल-जवाब का सत्र आयोजित किया गया। इसमें सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने ई-संजीवनी सेवा के संचालन से जुड़ी अपनी समस्याएं और सवाल विशेषज्ञों के सामने रखे। विशेषज्ञों ने उन्हें आवश्यक जानकारी दी।
प्रशिक्षण पूरा करने वाले सभी CHO को क्रेडिट वेटेज के साथ ई-सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य ई-संजीवनी के जरिए मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण ऑनलाइन स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध कराना है।
