दीपिका पांडेय सिंह की अध्यक्षता में DISHA समिति की बैठक, विकास योजनाओं में तेजी लाने का निर्देश
केंद्र प्रायोजित योजनाओं की हुई समीक्षा, लंबित कार्यों को समय पर पूरा करने और लाभुकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर
रांची। झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को रांची के प्रोजेक्ट भवन स्थित एनेक्सी में राज्य स्तरीय DISHA समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति, उपलब्धियों और उनके क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों की समीक्षा की गई।
बैठक में लंबित योजनाओं और कार्यों को चिह्नित कर समयबद्ध तरीके से पूरा करने, स्वीकृत राशि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने तथा तकनीकी एवं प्रशासनिक अड़चनों को दूर करने पर जोर दिया गया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं की समीक्षा केवल भौतिक और वित्तीय प्रगति के आंकड़ों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि योजनाओं का वास्तविक लाभ आम लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं।
उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं को जनसेवा का प्रभावी माध्यम बनाया जाए और पात्र लाभुकों को समय पर योजनाओं का लाभ मिले। मंत्री ने यह भी कहा कि योजनाओं के पूरा होने के बाद भी राशि का निर्गमन लंबित रहना उचित नहीं है। संबंधित विभाग ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लेकर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।
प्रधानमंत्री आवास से लेकर ग्रामीण सड़क योजना तक की समीक्षा
बैठक में केंद्र सरकार की विभिन्न लोक-कल्याणकारी और विकासोन्मुखी योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। ग्रामीण आवास, आजीविका, जल संसाधन, बुनियादी अवसंरचना और मत्स्य पालन से जुड़े विभागों ने अपनी योजनाओं की प्रगति पर पावरपॉइंट प्रस्तुति दी।
इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY), विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-GRAMG), प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY), स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) सहित अन्य केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय उपलब्धियों का आकलन किया गया। इसका उद्देश्य योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करना है।
जनप्रतिनिधियों ने रखीं जमीनी समस्याएं
समीक्षा के दौरान समिति के नामित गैर-सरकारी सदस्यों और जनप्रतिनिधियों ने योजनाओं के संचालन में आम जनता को हो रही व्यावहारिक कठिनाइयों, तकनीकी बाधाओं और क्षेत्रीय समस्याओं को सामने रखा। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने इन सुझावों और आपत्तियों को गंभीरता से लेते हुए विभागीय अधिकारियों को जनहित में तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक शिथिलता किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी। अधिकारी सीधे धरातल पर जाकर जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
नई योजनाओं के प्रस्ताव केंद्र को भेजने का निर्देश
मंत्री ने संबंधित विभागों को केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर तालमेल एवं समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं को पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाना चाहिए।
राज्य के समग्र और समावेशी विकास के लिए अधिक से अधिक नई योजनाओं की स्वीकृति हासिल करने के उद्देश्य से मंत्री ने विभागों को विस्तृत और ठोस कार्ययोजना तैयार कर प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने का निर्देश दिया। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और आजीविका के अवसरों का विस्तार किया जा सकेगा।
बैठक में राजमहल सांसद विजय हांसदा, देवघर विधायक सुरेश पासवान, धनबाद विधायक राज सिन्हा, मनोहरपुर विधायक जगत माझी, जमुआ विधायक मंजू कुमारी, ग्रामीण विकास सचिव मनोज कुमार, लोहरदगा संसदीय क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि, समिति के नामित गैर-सरकारी सदस्य और विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
