झारखंड कांग्रेस का एक्शन प्लान: 3 बैठकें छोड़ीं तो पद से छुट्टी!

कांग्रेस में पद चाहिए तो काम करना होगा! 3 बैठकों से गैरहाजिर रहे तो जाएगी कुर्सी

झारखंड कांग्रेस का सख्त फैसला: लगातार 3 बैठकों से गैरहाजिर रहे तो जाएगी पदाधिकारी की कुर्सी, रांची ग्रामीण से शुरुआत

संगठन को सक्रिय और अनुशासित बनाने की पहल, बिना ठोस कारण लगातार तीन बैठकों में शामिल नहीं होने वाले पदाधिकारियों को पद से मुक्त करने का प्रस्ताव पारित

रांची: झारखंड कांग्रेस संगठन को मजबूत और सक्रिय बनाने के लिए पार्टी ने सख्त कदम उठाने की तैयारी की है। अब संगठन में पद लेकर बैठने, लेकिन सांगठनिक गतिविधियों और बैठकों से दूर रहने वाले पदाधिकारियों पर कार्रवाई की जा सकती है। इसकी शुरुआत रांची जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी से हुई है, जहां लगातार तीन बैठकों में बिना किसी ठोस कारण अनुपस्थित रहने वाले पदाधिकारियों को पद से मुक्त करने का प्रस्ताव पारित किया गया है।

इस फैसले का उद्देश्य संगठन में जवाबदेही बढ़ाना और उन पदाधिकारियों को सक्रिय करना है, जो पार्टी की गतिविधियों में नियमित रूप से हिस्सा नहीं लेते। प्रस्ताव के मुताबिक, लगातार तीन बैठकों से गैरहाजिर रहने वाले पदाधिकारी की कुर्सी जा सकती है।

रांची ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया फैसले का मकसद

रांची जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सोमनाथ मुंडा ने इस निर्णय के पीछे संगठन को मजबूत और अनुशासित बनाने की मंशा बताई। उनका कहना है कि संगठन में वही पदाधिकारी बने रहेंगे और जिम्मेदारी पाएंगे, जो पार्टी के लिए काम करेंगे।

इस फैसले के जरिए उन नेताओं पर शिकंजा कसने की तैयारी है, जो पद तो संभालते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर संगठनात्मक कार्यों में अपेक्षित भागीदारी नहीं निभाते।

प्रदेश कांग्रेस ने फैसले को बताया समय की मांग

रांची ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के प्रस्ताव को प्रदेश कांग्रेस का भी समर्थन मिला है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी का मानना है कि जिला इकाइयां किसी भी राजनीतिक संगठन की बुनियादी और महत्वपूर्ण इकाई होती हैं। ऐसे में जिला स्तर पर संगठन की सक्रियता पूरे प्रदेश के संगठन को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती है।

प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने ग्रामीण कांग्रेस के फैसले को बेहतरीन और समय की मांग बताया। उनके मुताबिक, यदि नेता केवल दिखावे के लिए पद अपने पास रखते हैं, तो इससे संगठन को मजबूती मिलने के बजाय नुकसान होता है।

संगठन में बढ़ेगी जवाबदेही और सक्रियता?

रांची ग्रामीण कांग्रेस के इस फैसले से संगठन में पदाधिकारियों की नियमित भागीदारी और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। लगातार तीन बैठकों में अनुपस्थित रहने वालों पर कार्रवाई का प्रावधान संगठनात्मक अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।

फिलहाल यह व्यवस्था रांची जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी से शुरू हुई है। यदि पार्टी इसे अन्य जिला इकाइयों में भी लागू करती है, तो झारखंड कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे में सक्रियता बढ़ाने की कोशिश को और गति मिल सकती है। हालांकि, प्रस्ताव के प्रभाव और आगे की कार्रवाई का आकलन इसके क्रियान्वयन के बाद ही किया जा सकेगा।

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